भारत सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है जिससे पहली जुलाई से सस्ती दवाएं मिलने लग जाएंगी. इसके तहत आपको सरकारी ब्रांड जन औषधि की मांग करनी होगी और केमिस्ट सस्ती दवाएं देगा. यह खबर एक अंग्रेजी अखबार ने दी है.
इसके लिए सरकार प्राइवेट दवा निर्माताओं से बड़े पैमाने पर दवाएं खरीदेगी. इन्हें जन औषधि का नाम दिया जाएगा और खुदरा बाज़ार में बेचा जाएगा. इनकी कीमत बाज़ार में उपलब्ध दवाओं से कम रहेगी.
सरकार ने इसके लिए कुल 504 जरूरी दवाओं की पहचान कर ली है. इनमें एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक, हृदय रोग, डायबिटीज, सांस के रोग और पेट खराब होने की जरूरी दवाएं हैं. सरकार ने बिक्री के आधार पर इन दवाओं की पहचान कर ली है. बताया जा रहा है कि इस सूची को बढ़ाया जाएगा. इसके लिए लगभग एक हजार स्टोर चुने जाएंगे जहां ये दवाएं मिलेंगी.
डॉक्टरों की संस्था आईएमए के सेक्रेटरी डॉक्टर के.के. अग्रवाल ने बताया कि प्राइवेट डॉक्टर इस कदम में सरकार का साथ देंगे.