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क्या आपने कर लिया ये जरूरी काम? 31 जुलाई है डेडलाइन... चूके तो भरना होगा 5000 रुपये तक जुर्माना

देरी से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की स्थिति में पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले करदाताओं के लिए 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, जबकि 5 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय के लिए 5,000 रुपये की लेट फीस वसूले जाने का प्रावधान किया गया है.

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आयकर विभाग ने 31 जुलाई 2023 तय की है आईटीआर भरने की लास्ट डेट
आयकर विभाग ने 31 जुलाई 2023 तय की है आईटीआर भरने की लास्ट डेट

नया महीना शुरू होने वाला है और August 2023 की शुरुआत के साथ कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, जो आपके ऊपर सीधा असर डालेंगे. ऐसा ही एक खर्च बढ़ाने वाला काम है जुर्माने के साथ इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करना. इस जरूरी काम को करने के लिए आयकर विभाग की ओर से 31 जुलाई 2023 की तारीख निर्धारित की गई है. मतलब आपके पास महज तीन दिन बचे हैं, अगर आप तय तारीख तक आईटीआर फाइल करने से चूकते हैं, तो फिर आपको 5,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है. 

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आयकर विभाग लगातार कर रहा अपील
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट लगातार देश के करदाताओं से मैसेज और सोशल मीडिया के जरिए ये अपील कर रहा है कि ITR भरने की डेडलाइन का इंतजार न करें और जल्द से जल्द इस जरूर काम को निपटा लें. विभाग के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से लगातार लोगों को आखिरी समय में होने वाली भीड़ की दिक्कतों से बचने के लिए आज ही इसे दाखिल करने की सलाह दी जा रही है. 

4 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल
विभाग की ओर से साझा किए गए डाटा के मुताबिक, ये अपील काम भी कर रही है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते 24 जुलाई तक देश के 4 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न फाइल कर चुके हैं. अगर आप इनमें से एक नहीं हैं और आपने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ITR File नहीं किया है, तो फिर बिना समय गंवाए इस काम को पहले कर लें.  

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जुर्माने से बचने का अभी भी मौका
अगर आप आयकर विभाग की ओर से तय की गई अंतिम तारीख 31 जुलाई 2023 तक अपना ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो ऐसा नहीं है कि इसे दाखिल करने मौका नहीं मिलेगा. विभाग की ओर से ऐसे करदाताओं को मौका दिया जाएगा, लेकिन उन्हें वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है. दरअसल, लेट आईटीआर फाइल करने का विकल्प 31 दिसंबर, 2023 तक उपलब्ध है, लेकिन जुर्माने के साथ, तो इससे बचने के लिए अभी इस काम को करना समझदारी होगा. 

कितना लग सकता है जुर्माना?
देरी से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी की बात करें तो इसके तहत 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले करदाताओं के लिए 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, जबकि 5 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय के लिए 5,000 रुपये की लेट फीस वसूले जाने का प्रावधान किया गया है.

हालांकि, ये लेट फाइन विलंब की अवधि पर निर्भर करता है. वहीं अगर करदाता 31 दिसंबर 2023 के बाद ITR Filing करता है तो फिर उसे 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है. इसके अलावा जेल भेजने का भी प्रावधान किया गया है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निर्धारित तिथि तक इस काम को करने से चूकने वाले करदाता को अपना रिटर्न भरने तक प्रति माह एक फीसदी का अतिरिक्त ब्याज देना होता है. 

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अंतिम समय में होती है ये गड़बड़ी
जो लोग ITR फाइल करने के लिए लास्ट डेट का इंतजार कर रहे हैं, तो बता दें कि अंतिम समय में हड़बड़ी में इस काम को करने के दौरान कुछ गलतियां हो सकती है, जो आपके लिए परेशानी का सबब बनेंगी. ज्यादातर संभावना ये रहती है कि जल्दबाजी में आईटीआर भरने के दौरान आपसे मांगी गई जानकारियां दर्ज करने में गलती हो जाए और अगर जांच में ये मिसमैच सामने आता है, तो आपको आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिल सकता है. इसके साथ ही ध्यान रहे कि टैक्स रिटर्न भरने के दौरान कभी भी अपनी आय को कम करके न लिखें, ये भी नोटिस की वजह बन सकता है.

हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा जानकारी शेयर करते हुए बताया था कि देश के करीब 1 लाख करदाताओं को इनकम टैक्स का नोटिस भेजा गया है. ये नोटिस उन्हें आईटीआर में आय कम बताने और गलत जानकारियों को लेकर भेजा गया है.  

घर बैठे चुटकियों में निपाटा सकते हैं ये काम

  • ई-फाइलिंग पोर्टल (https://eportal.incometax.gov.in/) पर जाएं.
  • यूजर ID और पासवर्ड से लॉग-इन करें. ई-फाईल > आयकर रिटर्न > 'आयकर रिटर्न दाखिल करें' पर क्लिक करें.
  • अब एसेसमेंट ईयर चुनें और 'कंटीन्यू' पर क्लिक करें. नए पेज पर ITR फाइलिंग के लिए ऑनलाइन तरीका चुनें.
  • अपनी टैक्स आय और TDS कैलकुलेशन के हिसाब से ITR फॉर्म चुनें और जरूरी डाक्यूमेंट्स पास रखें. 
  • स्क्रीन पर आपसे संबंधित कुछ सवाल आएंगे, उसके चेक बॉक्स को मार्क करके कंटीन्यू पर क्लिक कर दें. 
  • इसके बाद दस्तावेजों के अनुसार, अपनी आय और कटौती का ब्योरा अलग-अलग सेक्शंस में सावधानी से दर्ज करें. 
  • अगर टैक्स लायबिलिटी का मामला है तो दिए गए ब्योरे के आधार पर टैक्स-कैलकुलेशन का विवरण दिखेगा. 
  • लायबिलिटी बनती है, तो 'अभी भुगतान करें' और 'बाद में भुगतान करें' के विकल्प का चयन कर सकते हैं. 
  • अगर किसी भीतरह की कोई टैक्स लायबिलिटी नहीं बनती, तो 'प्रिव्यू रिटर्न' पर क्लिक करते हुए आगे बढ़ें.  
  • अब 'प्रिव्यू और रिटर्न जमा करें' डिक्लेरेशन चेकबॉक्स पर क्लिक करके 'वैलिडेशन के लिए आगे बढ़ें' चुनें. 
  • प्रिव्यू देखें और 'रिटर्न जमा करें' पेज पर, वेरिफाई पर क्लिक करें. रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन जरूरी है. 
  • जब आप रिटर्न को E-Varify करा लेते हैं, तो फार्म के सफलतापूर्व भरे जाने की सूचना स्क्रीन पर दिखती है. 
  • ट्रांजैक्शन ID और एक्नॉलेजमेंट नंबर दिखेगा, जिससे आप ITR फॉर्म का स्टेटस चेक कर सकते हैं.
  • पोर्टल पर जो मोबाइल नंबर और ईमेल रजिस्टर्ड है, उस पर भी आईटीआर भरे जाने का मैसेज मिलेगा. 

 

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