इसी महीने के पहले हफ्ते यानी 4 अप्रैल को देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank में सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी (HDFC Ltd) का विलय को लेकर ऐलान हुआ था. विलय की खबर से इन दोनों कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली थी.
इस विलय प्रस्ताव को दोनों कंपनियों के बोर्ड ने अलग-अलग हुई बैठकों में भी मंजूरी दे चुकी है. भारतीय बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector) में इसे अब तक का सबसे बड़ा विलय माना जा रहा है. जिस दिन ये खबरें आई, उस दिन दोनों कंपनियों के शेयरों में अच्छी खासी तेजी दर्ज की गई थी. लेकिन उसके बाद से लगातार गिरावट जारी है.
बता दें, 4 अप्रैल को HDFC ने ऐलान किया था कि वह HDFC बैंक के साथ अपने परिचालन का विलय कर देगी. शेयर एक्सचेंज रेश्यो के तहत HDFC लिमिटेड के 25 शेयरों के बदले में HDFC Bank के 42 इक्विटी शेयर मिलेंगे.
निवेशक संकट में
अब HDFC Bank और HDFC लिमिटेड के शेयरों में लगातार गिरावट से निवेशक उधेड़बुन में हैं. मंगलवार यानी 19 अप्रैल को लगातार 9वें कारोबारी दिन दोनों शेयरों में गिरावट देखने को मिली. HDFC Bank और HDFC Ltd अपने मर्जर योजना के ऐलान के बाद अब तक अपने हाई से 20 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है.
मंगलवार को कारोबार के अंत में HDFC Bank के शेयर 4 फीसदी से ज्यादा टूटकर 1335 रुपये बंद हुआ. वहीं HDFC लिमिटेड के शेयर 6 फीसदी से ज्यादा गिरकर 2121 रुपये पर बंद हुआ. यही नहीं, इस गिरावट की वजह से दोनों कंपनियों के मार्केट कैप में भारी गिरावट आई है. HDFC लिमिटेड के मार्केट कैप में गिरावट की वजह से कंपनी टॉप-10 मार्केट कैप वाली कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई है.
एचडीएफसी लिमिटेड के शेयर पिछले एक साल में लगभग 12.24 फीसदी टूट चुके हैं, जबकि HDFC बैंक के शेयर 4 फीसदी गिरे हैं. वहीं इस दौरान निफ्टी 50 इंडेक्स में 20 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई है.
टॉप-10 की लिस्ट
एचडीएफसी अब टॉप 10 लिस्ट से बाहर 11वें पायदान पर है। टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries Ltd), टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), इंफोसिस (Infosys), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India), अडानी ग्रीन्स एनर्जी (Adani Green Energy), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) शामिल हैं.
गिरावट के कारण-
जानकारों की मानें तो विलय से सुस्त ग्रोथ और और मार्जिन में कमी से जुड़ी चिंताओं का समाधान नहीं होने की आशंकाओं के चलते लगातार शेयरों में गिरावट बनी हुई है.
HDFC Bank और HDFC लिमिटेड के मर्जर के बाद एक बड़ी फाइनेंशियल कंपनी बनेगी. हालांकि ये मर्जर योजना अभी तमाम वैधानिक मंजूरियों के अधीन है.