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सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने कर्ज किया महंगा, जानिए SBI, HDFC और ICICI में क्या है रेट?

HDFC Bank Hikes MCLR : एचडीएफसी बैंक की ओर से अन्य अवधि के लोन के साथ ही एक साल की अवधि के लोन के लिए MCLR 9.05 फीसदी कर दी है. यहां बता दें होम लोन और ऑटो लोन समेत ज्यादातर कंज्यूमर लोन इसी एक साल की एमसीएलआर से जुड़े होते हैं.

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एचडीएफसी बैंक ने एमसीएलआर में किया इजाफा
एचडीएफसी बैंक ने एमसीएलआर में किया इजाफा

देश में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को जोर का झटका दिया है. दरअसल, बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05 से 0.15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है. बैंक के इस फैसले के बाद ग्राहकों के लोन की EMI बढ़ जाएगी. नई दरें 8 मई 2023 से प्रभावी हो गई हैं. बता दें इस बार भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी एमपीसी बैठक में नीतिगत दरों या रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए इसे यथावत रखा था.  

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बदलाव के बाद ये हैं नई दरें 
HDFC Bank की वेबसाइट के मुताबिक, बदलाव के बाद अब एक रात के लोन के लिए एमसीएलआर 7.95 फीसदी हो गई है. इसके साथ ही एक महीने की अवधि के लिए दिए गए लोन पर यह दर बढ़कर 8.10 फीसदी हो गई है. तीन महीने के लिए 8.40 फीसदी और छह महीने की अवधि के लिए एमसीएलआर 8.80 फीसदी कर दी गई है.

इसके साथ ही एक साल की MCLR 9.05 फीसदी हो गई है. यहां बता दें होम लोन और ऑटो लोन समेत ज्यादातर कंज्यूमर लोन इसी एक साल की एमसीएलआर से जुड़े होते हैं. 

अन्य अवधि के दरें इस प्रकार 
एक साल की अवधि के लोन पर MCLR बढ़ने से सबसे ज्यादा झटका ग्राहकों को लगा है, क्योंकि अब उन्हें अपने लिए गए होम लोन और ऑटो लोन के लिए ज्यादा खर्च करना होगा. अन्य अवधि के लोन पर इस दर में बदलाव पर गौर करें तो दो साल की एमसीएलआर 9.10 फीसदी कर दी गई है, जबकि 3 साल के टैन्योर पर ये दर 9.20 फीसदी हो गई है. HDFC बैंक की ओर से कर्ज की दरों में किए गए इस बदलाव का असर न केवल नए ग्राहकों पर होगा, बल्कि पुराने ग्राहकों की जेब भी ज्यादा ढीली होगी. यहां बता दें यह बढ़ोतरी फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर लिए गए लोन पर लागू है. 

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MCLR को इस तरह समझें
मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट्स या एमसीएलआर दरअसल, RBI द्वारा लागू किया गया एक बेंचमार्क होता है, जिसके आधार पर तमाम बैंक लोन के लिए अपनी ब्याज दरें तय करते हैं. जबकि Repo Rate वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है. 

आरबीआई की ओर से रेपो रेट के कम होने से बैंको को कर्ज सस्ता मिलता है और वे एमसीएलआर में कटौती कर लोन की EMI घटा देते हैं. वहीं जब रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है तो बैंकों को कर्ज आरबीआई से महंगा मिलता है, जिसके चलते उन्हें एमसीएलआर में बढ़ोतरी का फैसला लेना पड़ता है और ग्राहक का बोझ बढ़ जाता है. 

SBI-ICICI बैंक में इतनी ब्याज दर
इस बीच देश के अन्य बड़े बैंकों में कर्ज के ब्याज दर की बात करें तो ICICI Bank में एक रात और एक महीने के लोन पर एमसीएलआर दर 8.50 फीसदी, तीन महीने के लिए 8.55 फीसदी, छह महीने के लिए 8.70 फीसदी और एक साल के लिए 8.75 फीसदी है. इसके अलावा देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) में ओवरनाइट MCLR दर 7.90 फीसदी, एक महीने और तीन महीने के लिए 8.10 फीसदी, छह महीने की अवधि के लोन पर 8.40 फीसदी और एक साल के लोन के लिए एमसीएलआर 8.50 फीसदी है. 

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