देश में आबादी के एक बड़े हिस्से को सरकार की ओर से सब्सिडी पर राशन (Subsidized Ration) मुहैया कराया जाता है. फूड सिक्योरिटी (Food Security) का लक्ष्य पाने के लिए सरकार कम दाम पर लोगों को अनाज देती है. गरीब लोगों को यह मदद राशन की दुकान के जरिए दी जाती है.
हालांकि कई बार इसमें अनियमितता के मामले सामने आते हैं. लोग शिकायत करते हैं कि उन्हें राशन नहीं मिला या अगर मिला तो उसका वजन ठीक नहीं है. सरकार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है. राशन दुकान चलाने वाले लोगों की ऐसी अनियमितताओं की शिकायत आप आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए सरकार ने कई हेल्पलाइन नंबर (Ration Helpline Number) जारी किए हैं.
दरअसल, कोरोना महामारी के बाद सरकार ने गरीब आबादी की मदद के लिए मुफ्त अनाज देने की योजना 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (Pradhan Mantri Gareeb Kalyan Ann Yojana)' की शुरुआत की. इस योजना के तहत अब भी देश की लगभग आधी आबादी को बिना किसी पैसे के अनाज मिल रहा है. इस योजना में सरकार लाभार्थियों को चावल, गेहूं, दाल और चीनी दे रही है. इस योजना के आने के बाद ऐसी कई शिकायतें आईं कि राशन दुकानदार लाभार्थी को अनाज देने से मना कर दिए और उसे ब्लैक में किसी अन्य को बेच दिए. इस तरह के मामले बढ़ने के बाद सरकार ने राज्यों के हिसाब से हेल्पलाइन नंबर जारी किए.
सरकारी वेबसाइट https://nfsa.gov.in/ पर राज्यवार हेल्पलाइन नंबरों की लिस्ट दी गई है. इस वेबसाइट पर जाकर आप अपने राज्य के हिसाब से हेल्पलाइन नंबर खोज सकते हैं. इन नंबरों पर कॉल करके आप आपने डीलर की शिकायत करा सकते हैं. शिकायत दर्ज होने के बाद डीलर के खिलाफ मामले की सरकार जांच कराएगी और अगर उसे दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. दोषी पाए जाने पर उसे न सिर्फ डीलरशिप से हाथ धोना पड़ सकता है, बल्कि जुर्माने से लेकर जेल तक की सजा का सामना भी करना पड़ सकता है.
आप जिस राज्य में रहते हैं और वहां के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके डीलर के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं.