scorecardresearch
 

'सपनों का घर' बनाते वक्त ना बिगाड़ें अपना बजट, बस याद रखें एक्सपर्ट की ये बात!

मकान बनाने या नए अपार्टमेंट को संवारने में अगर आप अफॉर्डेबल या स्टैंडर्ड और लक्जरी में से एक चुनते हैं तो मुख्य फर्क मॉड्यूलर किचन की क्वालिटी, ब्रांडेड एप्लायंसेस, कमरों में फाल्स सीलिंग, मार्बल फ्लोरिंग, टाइल्स की क्वालिटी, स्विच और वायर्स के ब्रांड और सेनेटरी वेयर के ब्रांडों में ही आता है. बाकी बेसिक खर्च स्टैंडर्ड जैसे ही रहते हैं.

Advertisement
X
सपनों का घर बनाने में रखें ये याद
सपनों का घर बनाने में रखें ये याद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बजट को ध्यान में ही करें प्लानिंग
  • टाइल वर्क पर होता है काफी अधिक खर्च

जब हम अपने सपनों का घर बनाते हैं, फिर वो चाहे खाली जमीन पर नींव भरकर मकान बनाने का काम हो या किसी पूरी तरह से खाली अपार्टमेंट में (Bare Shell Apartment) में शिफ्ट होना, कई बार बातें हमारे बजट से बाहर चली जाती हैं. ऐसे में क्या करें, घर बनाने में लगने वाले किस सामान के लिए कितना बजट फिक्स करें, ताकि सपनों का घर भी तैयार हो जाए और जेब का बोझ भी ना बढ़े. समझें एक्सपर्ट से...

Advertisement

पहले तय करें क्या चाहिए : अफॉर्डेबल या लक्जरी

सबसे पहले आपको अपनी कमाई के हिसाब से यह तय करना चाहिए कि आपको अपने घर को बहुत ज्यादा लक्जरी बनाना है या कम खर्च में रहने के लिए सुंदर आशियाना तैयार करना है. मकान बनाने में वुडन फ्लोरिंग से लेकर टाइल वर्क, फर्नीचर इत्यादि पर भी काफी खर्च होता है. ये भी ओवर बजट ना हो, इसलिए इसकी प्रति वर्ग फुट खर्च के हिसाब से कॉस्ट निकालनी चाहिए. क्योंकि लेबर चार्ज के साथ मिलाकर ये कॉस्ट करीब 1500 से 2000 रुपये वर्ग फुट बैठती है. इसके बारे में आगे कैलकुलेशन समझेंगे.

200 गज / 3BHK पर आएगा कितना खर्च?

अगर आप खर्च का अनुमान लगाना चाहते हैं, तो आप 200 गज के मकान बनाने या 3BHK अपार्टमेंट में लगने विभिन्न खर्चों के हिसाब से अपना बजट बना सकते हैं. इस मामले में लोगों को मुफ्त सलाह देने का काम करने वाले हिप्पो स्टोर्स के हेड ऑफ डिमांड जेनरेशन मुनीर सूरी का कहना है, 'घर बनाने के लिए जरूरी पेंट, टाइल्स और फ्लोर वर्क, वुडन और हार्डवेयर वर्क, इलेक्ट्रिक वर्क, प्लंबिंग वर्क, और लेबर कॉस्ट को मिलाकर एस्टिमेट बनाना चाहिए. अगर आप अफॉर्डेबल सेगमेंट में जाएंगे तो ये कॉस्ट 1350 बिल्ट अप एरिया के हिसाब से  1,600 रुपये प्रति वर्ग फुट और लक्जरी सेगमेंट में ये 2,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक जा सकती है.

Advertisement

अफॉर्डेबल और लक्जरी में क्या अंतर आएगा?

मकान बनाने या नए अपार्टमेंट को संवारने में अगर आप अफॉर्डेबल या स्टैंडर्ड और लक्जरी में से कुछ चुनते हैं तो आखिर फर्क क्या आता है. इस बारे में सूरी का कहना है कि लक्जरी सेगमेंट में जानने पर मॉडयूलर किचन की क्वालिटी, ब्रांडेड एप्लायंसेस, कमरों में फाल्स सीलिंग, मार्बल फ्लोरिंग, टाइल्स की क्वालिटी, स्विच और वायर्स के ब्रांड और सेनेटरी वेयर के ब्रांडों में ही फर्क आता है. बाकी बेसिक खर्च स्टैंडर्ड जैसे ही रहते हैं.

किस चीज के लिए रखें कितना बजट

अगर आप 1,600  रुपये प्रति वर्ग फुट की कीमत में स्टैंडर्ड कैटेगरी का घर तैयार कर रहे हैं तो आप पेंट वर्क के लिए 1.5 लाख रुपये, टाइल्स एवं फ्लोरिंग वर्क के लिए 2.65 लाख रुपये, वुड और हार्डवेयर वर्क के लिए  9.5 लाख रुपये, इलेक्ट्रिक वर्क के लिए 1.6 लाख रुपये और प्लंबिंग वर्क के लिए 90,000 रुपये और लेबर के लिए 5 लाख रुपये तक का बजट रख सकते हैं. इस तरह आपकी कॉस्ट लगभग 21 लाख रुपये तक आएगी.

वहीं लक्जरी सेगमेंट में पेंट का खर्च तो समान ही रहता है, जबकि टाइल्स एवं फ्लोरिंग पर ये बढ़कर 4 लाख रुपये, वुड वर्क का खर्च 12.5 लाख रुपये, इलेक्ट्रिक वर्क पर 1.75 लाख रुपये और प्लंबिग वर्क पर 1.6 लाख रुपये तक हो सकता है. बाकी लेबर कॉस्ट तो लगभग समान ही रहती है.

Advertisement

ये भी पढ़ें: 

Advertisement
Advertisement