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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान जानकारी देते हुए बताया था कि देश के 1 लाख टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) की ओर से नोटिस जारी किया गया है. यहां बता दें कि ऐसे कई कारण हैं, जिनके चलते आपको नोटिस मिल सकता है, इसमें ITR दाखिल न करने से लेकर आय-कटौती या अन्य तरह की जानकारियां गलत पाई जाना भी शामिल है.
आयकर विभाग लगातार दे रहा सलाह
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से लगातार टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि आईटीआर फाइल (ITR Filing) करते समय अपने सभी तरह के निवेश (Investment) और आय (Income) की सटीक जानकारी दें, ऐसा न करना यानी आईटीआर में गलत जानकारियां भरना आपके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है और आपको आयकर विभाग से नोटिस मिल सकता है. लेकिन आमतौर पर टैक्सपेयर्स मामूली गलतियां कर देते हैं, जो उनके लिए परेशानी का सबब बन जाता है.
आईटीआर भरते समय गलतियों से बचें
अगर कोई टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म (ITR Form) में गलत जानकारी देता है, तो आयकर विभाग उसे अलग-अलग एक्ट के तहत नोटिस भेज सकता है. ITR की दो तरह की स्क्रूटनी प्रोसेस होती है, इनमें से एक मैनुअल और दूसरी कंपल्सरी. लेकिन कुछ ऐसी सावधानियां हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं, तो गलतियों से बचा जा सकता है और नोटिस नहीं मिलेगा. आइए कुछ ऐसी वजहों पर नजर डालते हैं, जिनकी वजह से विभाग आपको नोटिस भेज सकता है.
ITR नहीं फाइल करना : इनकम टैक्स विभाग कई बार ITR नहीं दाखिल करने के लिए भी टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजता है. अगर आप टैक्स स्लैब (TAX Slab) में आते हैं, तो आईटीआर भरना अनिवार्य है. मान लीजिए कि आप भारतीय नागरिक हैं. लेकिन आप विदेशी संपत्ति के मालिक हैं. इस स्थिति में भी आपको आईटीआर भरना होगा. वरना इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भेज सकता है.
TDS में गलती: आईटीआर दाखिल करते समय आपको TDS को सावधानी से भरना चाहिए. अगर भरा गया टीडीएस और जहां वह जमा हुआ है, उसमें अंतर दिखता है तो आयकर विभाग की तरफ से आपको नोटिस आ सकता है. इसलिए आईटीआर भरने से पहले ये पता कर लें कि आपका टीडीएस कितना कटा है.
अघोषित आय: एक वित्त वर्ष में आपकी कितनी कमाई है, ये आपको ITR में बताना होता है. साथ ही निवेश की जानकारी भी देनी होती है. ऐसे में अगर आप निवेश से होने वाली कमाई को छुपा लेते हैं, तो आपको नोटिस आ सकता है. नोटिस से बचने के लिए आप अपने बैंक से इंटरेस्ट का स्टेटमेंट मांग लें और उसे आईटीआर में डाल दें. इसके अलावा किसी अन्य सोर्स से भी प्राप्त इनकम के बारे में जरूर जानकारी दें.
ITR रिटर्न में गलती: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय कई बार लोगों से गलतियां हो जाती हैं. लोग जरूरी डिटेल्स भरना भूल जाते हैं. अगर ऐसा होता है तो आयकर विभाग नोटिस भेज सकता है. इसलिए अपने आप भरने के अलावा आप किसी प्रोफेशनल से ही आईटीआर भरवा सकते हैं.
डेडलाइन का न करें इंतजार
आईटीआर में सही जानकारियां दर्ज करने की सलाह देने के साथ ही इनकम टैक्स विभाग की ओर से ये भी लगातार कहा जा रहा है कि ITR Filing की लास्ट डेट का इंतजार न करें और जितना जल्दी हो सके इस काम को निपटा लें. ITR दाखिल करने के लिए अभी भी पांच दिन का समय बाकी है. आयकर विभाग की ओर से इसकी डेडलाइन 31 जुलाई 2023 निर्धारित की गई है. दरअसल, आखिरी मिनट में टैक्स फाइल करने के दौरान गलतियों का खतरा बढ़ जाता है.
यहां एक बात ध्यान में रखें कि अगर आपको इनकम टैक्स का नोटिस मिला है, तो इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि आपने कुछ गलत किया है. एक नियमित पूछताछ हो सकती है या कुछ वित्तीय लेनदेन पर स्पष्टीकरण की जरूरत होने पर आपको नोटिस दिया जा सकता है.
नोटिस मिलने के कई कारण
इनकम टैक्स अधिकारी कई कारणों से नोटिस जारी कर सकते हैं, जिनमें Tax Return दाखिल न करने से लेकर व्यक्ति द्वारा दाखिल ITR में बताई गई आय की जांच करना शामिल है. Deloitte Haskins & Sells LLP के तरुण गर्ग का कहना है कि अगर नोटिस का कारण पहले से दाखिल आयकर रिटर्न की जांच है, तो नोटिस में टैक्स रिटर्न में रिपोर्ट किए गए डाटा के प्रमाण के रूप में काम करने के लिए कुछ जानकारी/दस्तावेजों को सूचीबद्ध किया गया है. उदाहरण के तौर पर समझें तो नोटिस में किसी व्यक्ति द्वारा अर्जित ब्याज का विवरण मांगा जा सकता है.
कोई व्यक्ति ब्याज से हुई आय के प्रमाण के रूप में बैंक/वित्तीय संस्थान द्वारा जारी इंटरेस्ट सर्टिफिकेट पेश कर सकता है. दूसरी ओर, यदि सवाल संपत्ति की बिक्री पर दावा किए गए पूंजीगत नुकसान पर है, तो नोटिस के जरिए खरीद मूल्य, बिक्री मूल्य जैसे साक्ष्य दस्तावेजों की एक प्रति मांगी जा सकती है.
ऑनलाइन सुविधा से ट्रैकिंग हुई आसान
आजकल टैक्स नोटिस आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल (ITR E-Filing Portal) के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं, जिससे ऐसे नोटिसों के लिए दायर किए गए नोटिस और प्रतिक्रियाओं को ट्रैक करना बेहद आसान हो गया है. इसलिए, यदि आपको टैक्स नोटिस मिलता है तो आप नीचे बताई गई इन जरूरी बातों को ध्यान में रखें.
घबराएं नहीं : पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम शांत रहना है और घबराना नहीं है. आपको इनकम टैक्स का नोटिस मिलना डराने वाला हो सकता है, लेकिन घबराने के बजाय संयम बरतना जरूरी है. इसलिए बेहद जरूरी है कि Tax Notice के पीछे का कारण समझें. आयकर विभाग अपने नोटिस में समय सीमा के साथ मूल मुद्दे के बारे में विस्तार से बताता है.
नोटिस को वेरिफाई करें : आपके लिए ये सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपको मिला नोटिस वास्तविक है और संवेदनशील वित्तीय जानकारी प्राप्त करने का कोई जाल तो नहीं है. TaxNodes के फाउंडर और सीईओ अविनाश शेखर (Avinash Shekhar)का कहना है कि वास्तविक आयकर नोटिस में आमतौर पर करदाता का स्थायी खाता संख्या (PAN), एक अद्वितीय दस्तावेज पहचान संख्या (DIN) समेत अन्य जरूरी जानकारियां होती हैं. आप आधिकारिक आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर नोटिस की प्रामाणिकता को जांच कर सकते हैं.
नोटिस का कारण समझें : आयकर विभाग से नोटिस जारी होने का निर्धारण करने के लिए इसमें दर्ज की गईं जानकारियों को ध्यान से पढ़ें और बारीकी से इसे समझें. आपको दिया गया नोटिस ITR भरने के दौरान कम बताई गई इनकम, कर भुगतान में विसंगतियों, कुछ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन का खुलासा न करने या किसी अन्य कर-संबंधित मामले से संबंधित हो सकता है.