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LPG Price: दुनिया में सबसे महंगी एलपीजी अब भारत में! समझें क्या है ये पूरी गणित

पेट्रोल की कीमत चुकाने के मामले में भारतीय दुनिया में तीसरा सबसे महंगा प्रति लीटर पेट्रोल भाव अदा कर रहे हैं. जबकि डीजल के मामले में हम दुनिया में 8वें नंबर पर हैं.

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दुनिया में सबसे महंगी LPG अब भारत में
दुनिया में सबसे महंगी LPG अब भारत में
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हर ‘मुद्रा की क्रयशक्ति’ अलग-अलग
  • समझें परचेजिंग पॉवर पैरिटी का कॉन्सेप्ट
  • दुनिया में तीसरा सबसे महंगा पेट्रोल भाव

पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस या सीएनजी, आपकी जिंदगी की गाड़ी को आगे बढ़ाने वाले इन सभी ईंधन के दाम बीते कुछ दिनों में बहुत तेजी से बढ़े हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे महंगी LPG अब भारत में मिलती है? लेकिन ये कैसे हो सकता है. आइए समझते हैं इस गणित को...

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ऐसे सबसे महंगी बनी LPG
भारत में दुनिया की सबसे महंगी एलपीजी कैसे मिल रही है, तो इसका जवाब ‘मुद्रा की क्रयशक्ति’ (Purchasing Power of Currencies) के हिसाब से इसका कैलकुलेशन करने पर मिल जाएगा. लेकिन उसके लिए हमें इंटरनेशनल इकोनॉमी से जुड़ी कई सारी बातों को समझना होगा. वैसे बतातें चलें कि इसी कैलकुलेशन के हिसाब से भारत में पेट्रोल का जो भाव है, वो दुनिया में तीसरा सबसे ज्यादा प्रति लीटर भाव है, वहीं डीजल के मामले में हम दुनिया में 8वें नंबर पर हैं.

समझें ‘मुद्रा की क्रयशक्ति’ को
अगर आसान भाषा में समझें, तो अपने देश में हम एक रुपये में जितना सामान खरीद सकते हैं, उससे ज्यादा सामान नेपाल में खरीद सकते हैं, जबकि अमेरिका में एक रुपये में हम शायद कुछ भी नहीं खरीद पाएं. मतलब ये हुआ कि हर मुद्रा या करेंसी से उनके घरेलू बाजार में कितना और क्या सामान खरीदा जा सकता है, वह उसकी ‘क्रयशक्ति’ होती है. अलग-अलग देशों की मुद्रा की परचेजिंग पॉवर अलग-अलग होती है. लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में जाते ही मुद्रा की क्रयशक्ति बदल जाती है.

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इंटरनेशनल मार्केट में ऐसे होती है कैलकुलेशन
दुनियाभर की मुद्राओं के बीच इंटरनेशनल मार्केट में जो भी ट्रेड होता है, वो एक नॉमिनल एक्सचेंज रेट पर होता है. इसी के हिसाब से किसी देश की मुद्रा की क्रयशक्ति तय होती है. वहीं हर देश में लोगों की आय में भी बहुत अंतर होता है. एक औसत भारतीय के लिए भारत में एक लीटर पेट्रोल खरीदना उसकी एक दिन की आय का चौथाई हिस्सा हो सकता है, जबकि किसी अमेरिकी के लिए उसकी डेली इनकम का महज एक हिस्सा. 

इस तरह परचेजिंग पॉवर पैरिटी (Purchasing Power Parity) का फॉर्मूला तय होता है, जो ये बताता है कि किसी देश के एक नागरिक की क्रयशक्ति दूसरे देश में जाकर कितनी रह जाती है. उदाहरण से समझें तो भारत में आप 100 रुपये में जो जिंदगी जी सकते हैं, अमेरिका में वैसी ही जिंदगी जीने के लिए आपको 4.55 डॉलर (नॉमिनल एक्सचेंज रेट के हिसाब से करीब 345 रुपये) चाहिए होंगे. यानी परचेजिंग पॉवर पैरिटी के पैमाने पर 1 डॉलर 75.84 रुपये की जगह इंटरनेशनल मार्केट में महज 22 रुपये की वैल्यू रखता है.

एक लीटर LPG 3.5 डॉलर का
परचेजिंग पॉवर पैरिटी के इसी फॉर्मूला के हिसाब से जब आप कैलकुलेशन करेंगे तो आप पाएंगे कि हम भारतीय दुनिया में सबसे महंगी एलपीजी खरीद रहे हैं, क्योंकि हम इसके लिए इंटरनेशनल डॉलर में 3.5 डॉलर की कीमत अदा कर रहे हैं. हमसे कम कीमत तुर्की और फिजी देश में लगती है. पेट्रोल के लिए एक औसत भारतीय 5.2 डॉलर और डीजल के लिए 4.6 डॉलर का दाम अदा कर रहा है.

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