इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने वित्त वर्ष 2022-23 और एसेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए आईटीआर दाखिल करने के लिए ऑनलाइन फॉर्म जारी कर दिया है. अभी ऑनलाइन ई फाइलिंग के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म जारी किया गया है. यानी जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से कम है, वो अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. वे टैक्सपेयर्स जो इस दायरे में आते हैं, ऑनलाइन माध्यम से अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं.
50 लाख से कम सालाना आय वालों के लिए फॉर्म
वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जिन लोगों के खातों के ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके मामले में आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2023 निर्धारित है. आईटीआर-1 सालाना 50 लाख रुपये से कम आय वाले वेतनभोगी और वरिष्ठ नागरिक समेत अन्य व्यक्ति भरते हैं, जबकि आईटीआर-4 के जरिए ऐसे इंडिविजुअल और HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) और फर्म (LLP को छोड़कर) रिटर्न दाखिल करते हैं, जिनकी बिजनेस और प्रोफेशन से हुई इनकम 50 लाख रुपये तक है.
रिटर्न भरने के लिए कौन-कौन से फॉर्म
आयकर विभाग की ओर से एक ट्वीट कर ये जानकारी शेयर की गई है कि ITR-1 और ITR-4 के अलावा अन्य रिटर्न फॉर्म के लिए भी सुविधाएं जल्द शुरू की जाएंगी. विभाग की ओर से अलग-अलग इनकम कैटेगरी को ध्यान में आईटीआर फॉर्म बनाए गए हैं.
ITR-1 (सहज) : 50 लाख रुपये तक की आय के लिए जरूरी.
ITR-2: रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी से होने वाली आय के लिए
ITR-3: कारोबार से होने वाले लाभ के लिए
ITR-4 (सुगम) : हिन्दू अविभाजित परिवारों (HUF) और फर्मों के लिए (आय 50 लाख रुपये तक)
ITR-5, 6 : सीमित दायत्वि भागीदारी (LLP) और बिजनेस के लिए
ITR-7 : ट्रस्ट के लिए
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, एसेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए आईटीआऱ भरने के लिए ऑनलाइन ITR-1 और ITR-4 को इनेबल्ड किया गया है. ये ऑनलाइन फॉर्म में प्रीफिल्ड डाटा है, जिसमें फॉर्म -16 के मुताबिक सैलेरी, सेविंग अकाउंट पर ब्याज से होने वाली इनकम और फिक्स्ड डिपॉजिट में ब्याज से होने वाली आय शामिल है. इसमें दी जानकारियों को फॉर्म -16 के साथ एनुअल इनफॉरमेशन स्टेटमेंट (AIS) में दिए गए डाटा से मिलाना होता है, जिससे ये पता लग सके कि टैक्सपेयर्स टैक्स विभाग के साथ जो जानकारी साझा कर रहा है वो एकदम सटीक है.
एक्सेल फॉर्म से आसान है ऑनलाइन प्रोसेस
ऑनलाइन फॉर्म एक्सेल यूटिलिटी फॉर्म से अलग है. एक्सेल यूटिलिटी फॉर्म को विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड करना होता है. उसके बाद उसमें जरूरी जानकारियां भरने के बाद ई-फाइलिंह वेबसाइट पर अपलोड करना होता है. इसके बजाय ITR ई-फाइलिंग प्रोसेस बेहद आसान है.
इस तरह आसानी से करें रिटर्न दाखिल
खुद से चुनें नया या पुराना टैक्स रिजीम
आईटीआर (ITR) फाइल करते समय इस बात का ध्यान रखें कि इस बार न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट में रखा गया है. अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करना चाहते हैं, तो फिर आपको इसे खुद से बदलना होगा. नई टैक्स रिजीम में टैक्स में छूट प्राप्त करने के लिए बहुत सीमित विकल्प हैं. हालांकि, 7 लाख तक की आय को प्रभावी रूप से टैक्स फ्री कर दिया गया है. वहीं ओल्ड टैक्स रिजीम में टैक्स छूट की सीमा को नहीं बढ़ाया गया है. लेकिन वहां आप विभिन्न सरकारी स्कीमों में निवेश व अन्य तरीकों से टैक्स में छूट का दावा कर सकते हैं.