देश में प्राइवेट सेक्टर की पहली फुल-सर्विस एयरलाइन Jet Airways के लगभग दो साल बाद फिर आसमान में उड़ान भरने की उम्मीद जगी है. क्योंकि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने मंगलवार को Jet Airways के लिए एक रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है.
कालरॉक-जालान कंसोर्टियम का प्लान
दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही Jet Airways के लिए NCLT ने Kalrock-Jalan कंसोर्टियम के रिजॉल्युशन प्लान को मंजूर कर लिया है. मुरारी लाल जालान और Kalrock Capital ने 7 दौर की बोलियां लगाकर अक्टूबर 2020 में Jet Airways के लिए अपनी बोली को सुरक्षित कर लिया था.
5 साल में होगा पुनर्भुगतान
CNBC TV18 की एक खबर के मुताबिक ये कंसोर्टियम Jet Airways के ऋणदाताओं, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ को अगले 5 साल में 1,183 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा. इसी के साथ समूह ने कंपनी के क्रेडिटर्स को Jet Airways में 9.5% और Jet Privilege में 7.5% की हिस्सेदारी भी ऑफर की है.
कंपनी को लोन देने वालों में SBI, Yes Bank, IDBI Bank और Canara Bank प्रमुख क्रेडिटर्स हैं.
UAE के उद्यमी ने फूंकी नई जान
Jet Airways में नई जान फूंकने वाले मुरारी लाल जालान संयुक्त अरब अमीरात के उद्यमी हैं. वहीं Kalrock Capital ब्रिटेन की एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी है.
90 दिन के भीतर मिलेंगे स्लॉट
NCLT के आदेश के मुताबिक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और नागर विमानन मंत्रालय मंगलवार से 90 दिन के भीतर एयरलाइन को उड़ान के स्लॉट एलॉट करेंगे. इस पर अंतिम निर्णय इन्हीं दोनों को लेना है. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि डीजीसीए और मंत्रालय स्लॉट आवंटित करने से पहले ऑर्डर को डिटेल में देखेंगे.
नहीं मिलेंगे पुराने स्लॉट
Jet Airways के बंद होने के बाद कंपनी के स्लॉट दूसरी एयरलाइंस को आवंटित कर दिए गए. इस पर डीजीसीए और मंत्रालय ने NCLT को हलफनामा दाखिल कर सूचना दी कि कंपनी अपने पुराने स्लॉट का दावा नहीं कर सकती है. साथ ही ये भी कहा कि कंपनी को नए स्लॉट मौजूदा नियमों के हिसाब से जारी किए जाएंगे.
शेयर चढ़ा 5%
NCLT के इस फैसले के बाद शेयर बाजार में भी Jet Airways के शेयरों में बहार देखने को मिली. कंपनी का शेयर NSE पर 5% चढ़ गया.
वर्ष 2004 में अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं के लिए लाइसेंस पाने वाली Jet Airways को IndiGo और SpiceJet जैसी एयरलाइंस के सस्ते किरायों से कड़ी चुनौती मिली जिसका नतीजा ये हुआ कि 2019 में ये दिवालिया हो गई. अप्रैल 2019 से एयरलाइंस का परिचालन बंद है.
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