भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के IPO ने निवेशकों को झटका दिया है. इस आईपीओ में बड़े पैमाने पर पॉलिसीहोल्डर्स ने भी पैसे लगाए थे, और उन्हें उम्मीद थी कि मोटी कमाई होगी. लेकिन सभी को नुकसान उठाना पड़ा है. यही नहीं, पहली बार किसी आईपीओ में पैसे लगाने वालों की भी इसमें अच्छी-खासी तादाद थी.
IPO लिस्टिंग के वक्त नुकसान से निवेशक घबराए हुए हैं. वो जानना चाह रहे हैं कि अब क्या करें, क्या नुकसान में शेयर बेचकर निकल जाएं, या फिर इंतजार करें? हाालांकि LIC कंपनी पर देश के लोगों का मजबूत भरोसा है. ऐसे में IPO से हुए नुकसान को वो समझ नहीं पा रहे हैं.
नुकसान के बाजार जिम्मेदार
सरकार की भी कोशिश थी कि इस आईपीओ से लोगों का पैसा बने, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. सरकार ने LIC के शेयरों की कमजोर लिस्टिंग के लिए शेयर बाजार को जिम्मेदार ठहराया है. सरकार का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है.
डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सेक्रेटरी तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि मार्केट की अनिश्चितता इस शेयर की कमजोर लिस्टिंग की वजह है. सरकार की ओर से निवेशकों को एलआईसी के शेयरों को लंबे समय तक रखने की सलाह दी गई है. उन्होंने बताया कि पॉलिसीहोल्डर्स, रिटेल इनवेस्टर्स और एंप्लॉयीज को डिस्काउंट में शेयर मिला है, इसलिए उन्हें कम नुकसान हुआ है. कंपनी ने 949 रुपये प्रति शेयर के भाव पर इनवेस्टर्स को शेयर अलॉट किए.
आगे तेजी की संभावना
वहीं मंगलवार को लिस्टिंग के मौके पर एलआईसी के चेयरमैन एम आर कुमार ने कहा था कि एलआईसी के शेयर को अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा. बाजार में अभी गिरावट है, लेकिन आगे LIC के शेयरों में तेजी देखने को मिलेगी. मुझे इस शेयर में कमजोरी बने रहने की कोई वजह दिखाई नहीं देती.
बता दें, मंगलवार को गिरावट के साथ एलआईसी आईपीओ की लिस्टिंग हुई थी. करीब 9 फीसदी गिरकर BSE पर 867 रुपये पर LIC शेयरों की लिस्टिंग हुई थी. जानकारों की भी मानें तो बाजार में सुधार के साथ ही LIC के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है. लेकिन इसके लिए निवेशकों को इंतजार करना पड़ सकता है.
वहीं ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म (Global Brokerage) Macquarie ने न्यूट्रल रेटिंग के साथ LIC के शेयरों का टारगेट 1000 रुपये तय किया है. ऐसे में यहां से करीब 12 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया जा रहा है.