सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी के आईपीओ (LIC IPO) का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है. दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ में से एक के रूप में दर्ज होने वाले इस प्रस्तावित इश्यू को लेकर सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने इस फाइनेंशियल ईयर (FY22) में एलआईसी आईपीओ नहीं आ पाने से जुड़ी खबरों का खंडन किया और कहा कि इसे लेकर प्लान पूरी तरह तैयार है.
FY22 की अंतिम तिमाही ही बाकी
यह फाइनेंशियल ईयर मार्च 2022 में समाप्त हो रहा है, जिसमें अब करीब तीन महीने का समय ही बचा रह गया है. इस साल बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने एलआईसी को पब्लिक बाजार में लिस्ट करने की योजना के बारे में जानकारी दी थी. हालांकि मीडिया के कुछ हलकों में खबरें चलने लगीं कि सरकार मार्च तक एलआईसी का आईपीओ लाने में असफल रह सकती है. खबरों में इसका कारण बताया गया था कि एलआईसी के वैल्यूएशन (LIC Valuation) में देरी हो रही है, जो कि आईपीओ की तैयारियों के लिए बेहद जरूरी है.
दिपम सेक्रेटरी ने किया ये दावा
निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव ने Tweet किया, इस फाइनेंशियल ईयर में एलआईसी का आईपीओ नहीं आ पाने के जो कयास लगाए जा रहे हैं, सही नहीं हैं. इस फाइनेंशियल ईयर की अंतिम तिमाही में एलआईसी का आईपीओ लाने प्लान तैयार है और सही दिशा में आगे बढ़ रहा है.
सरकार कर चुकी है ये तैयारियां
सरकार इससे पहले एलआईसी एक्ट (LIC Act) में 27 संशोधन कर चुकी है, ताकि आईपीओ लाने का रास्ता तैयार हो सके. आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी जुलाई (CCEA) में ही एलआईसी की लिस्टिंग (LIC Listing) को मंजूरी दे चुकी है. आईपीओ के लिए 10 मर्चेंट बैंकर (Merchant Banker) नियुक्त किए जा चुके हैं. ऐसा माना जा रहा है कि यह आईपीओ न सिर्फ सरकार को विनिवेश के लक्ष्य के करीब पहुंचाएगा, बल्कि यह अब तक के दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा.