भविष्य निधि में जमा पैसे पर कितना ब्याज मिलेगा ये आज तय हो जाएगा. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के न्यासी केंद्रीय बोर्ड की बैठक सोमवार से शुरू हो चुकी है और मंगलवार यानी आज ब्याज दरों को लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है. बैठक में 2022-23 के लिए भविष्य निधि (PF) में जमा पैसे पर मिलने वाली ब्याज दरों (Interest Rate) पर फैसला होना है. मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सरकार ने पीएफ पर 8.1 फीसदी का ब्याज दर तय कर रखा है, जो 43 साल के सबसे निचले स्तर पर है.
दरों में हो सकता है बदलाव
साल 1977-78 में EPFO ने आठ फीसदी की ब्याज दर तय की थी. लेकिन इसके बाद से ब्याज दर लगातार 8.25 फीसदी या उससे अधिक रही. खबरों की मानें तो इक्विटी निवेश में ऊंचे रिटर्न की संभावनाओं को देखते हुए ब्याज दरों में बदलाव किया जा सकता है. EPFO पीएफ अकाउंट होल्डर के खाते में जमा राशि को कई जगहों पर निवेश करता है. इस निवेश से होने वाली कमाई का एक हिस्सा ब्याज के रूप में खाताधारकों को देता है.
खबरों की मानें, तो सोमवार दोपहर से शुरू हुई न्यासी केंद्रीय बोर्ड की दो दिन बैठक में EPF पर ब्याज दर के बारे में फैसला लिया जा सकता है. हालांकि, कहा जा रहा है कि हो सकता है कि ब्याज दरों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं हो और ये मौजूदा स्तर पर ही बनी रहें. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की स्थापना साल 1952 में की गई थी. तब PF खाते पर मिलने वाली ब्याज दर तीन फीसदी थी, इसके बाद इसमें लगातार बढ़ोतरी होती है.
कहां निवेश करता है EPFO?
फिलहाल EPFO 85 फीसदी हिस्सा कर्ज वाले ऑप्शन में निवेश करता है. इनमें सरकारी सिक्योरिटीज बॉन्ड भी शामिल हैं. बाकी के15 फीसदी हिस्से को ईटीएफ में लगाया जाता है. इसके बाद डेट और इक्विटी से हुई कमाई के आधार पर ब्याज दर को तय किया जाता है. 2015-16 में ईपीएफओ ने इक्विटी में निवेश करना शुरू किया था, जिसमें उसने पहले वर्ष में अपनी इन्क्रिमेंटल कॉर्पस का पांच फीसदी, फिर 10 फीसदी और बाद में 15 फीसदी निवेश किया था.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, EPFO ने 1.7 लाख करोड़ रुयये का संचयी निवेश किया है, जिसमें 31 मार्च 2022 तक 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है. सामान्य तौर पर, ईपीएफओ निफ्टी और सेंसेक्स दोनों प्लेटफॉर्म पर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के रूप में इक्विटी में 1.5 लाख करोड़ रुपये का इन्क्रिमेंटल कॉर्पस निवेश करता है.
2015 से लेकर अब तक की ब्याज दर
2015-16- 8.80%
2016-17- 8.65%
2017-18- 8.55%
2018-19- 8.65%
2019-20- 8.50%
2020-21- 8.50%
2021-22- 8.10%