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इस उद्योगपति का छलका दर्द, 'लीडरशिप में अकेलापन होता है...मैंने खुद महसूस किया'

सादगी के साथ जीवन जीने वाले नारायण मूर्ति ऐसे इंसान हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और काबिलयत के दम पर अपनी किस्मत को बदला और आज सभी के लिए एक प्रेरणा हैं. साल 1981 में अपने 6 साथियों के साथ मिलकर इंफोसिस (Infosys) कंपनी की स्थापना की थी.

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इंफोसिस के को फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति.
इंफोसिस के को फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति.

दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) के को-फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति (NR Narayana Murthy) ने ऊंचे पदों पर रहने का दर्द साझा किया है. उन्होंने कहा कि किसी भी कंपनी के सबसे ऊंचे पद पर होना आपको अकेलापन महसूस करता है. नारायण मूर्ति ने कहा कि मैं इस स्थिति से गुजर चुका हूं. एक बुक लॉन्चिंग के कार्यक्रम में उन्होंने लीडरशिप के बारे में भी बात की. इवेंट में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नारायण मूर्ति ने कहा कि लीडरशिप का मतलब सही काम करके दिखाना भर नहीं है, बल्कि हजारों लोगों का विश्वास बढ़ाना भी है.

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लीडरशिप आपको अकेला महसूस करता है

बिजनेसमैन मदन मोहंका की जीवनी 'आई डिड व्हॉट आई हैड टू डू' किताब के विमोचन के इवेंट में नारायण मूर्ति पहुंचे थे.- उन्होंने कहा- 'मैं हमेशा कहता हूं कि लीडरशिप आपको अकेला महसूस कराता है. मैं इससे गुजरा हूं. अब मैंने मदन को कहते हुए सुना कि टॉप की पोजिशन पर रहने वाले बहुत अकेलापन महसूस करते हैं. तो मैं मदन और अब उनके बेटे मेहुल इस स्थिति को महसूस कर सकते हैं.

ये सब कुछ बयां करती है किताब

मदन मोहंका ने साल 1976 में टेगा इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना की थी. वो कंपनी के चेयरमैन और डायरेक्टर हैं. वहीं, उनके बेटे मेहुल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप से सीईओ हैं. इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति का दशकों का करियर रहा है और वो अपने संबोधन से हजारों लोगों को प्रेरित करते हैं. मदन मोहंका की जीवनी के बारे में बात करते हुए नारायण मूर्ति ने कहा कि यह किताब इस कहानी के बारे में है कि कैसे एक व्यक्ति ने हजारों लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाकर उनका नेतृत्व किया.

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उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि रास्ता मुश्किल है और उसपर आगे चलना आसान नहीं है. लेकिन मुझे ये भी पता है कि मैं जितना आगे बढूंगा, उतना ही ऊपर जाउंगा और कदम दर कदम सांस लेना मुश्किल होता जाएगा. लेकिन इसी तरह आप शिखर तक पहुंचते हैं. इसलिए मैं बहुत खुश हूं कि यह किताब वह सब कुछ बयां करती है.

6 लोगों के साथ शुरू की थी कंपनी

सादगी के साथ जीवन जीने वाले नारायण मूर्ति ऐसे इंसान हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और काबिलयत के दम पर अपनी किस्मत को बदला और आज सभी के लिए एक प्रेरणा हैं. उन्होंने साल 1981 में अपने छह साथियों के साथ मिलकर इंफोसिस (Infosys) कंपनी की स्थापना की थी. आज यह भारत की टॉप आईटी कंपनियों में से एक है. अमेरिका, इंग्लैंड सहित दुनिया के कई देशों में कंपनी का कारोबार फैला है. 

नारायण मूर्ति का जन्म 20 अगस्त, 1946 को कर्नाटक के सिद्लाघत्ता में हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद 1967 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, मैसूर यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली. इसके बाद 1969 में आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से एमटेक किया. इसके बाद उन्होंने 1970 के अंत में पुणे के पाटनी कंप्यूटर्स में बतौर असिस्टेंट मैनेजर नौकरी की शुरुआत की.

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