भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का पीएम मोदी का लक्ष्य पूरा करने के लिए नीति आयोग ने नई रणनीति तैयार की है. इसके लिए नीति आयोग देश के अलग-अलग शहरों की अर्थव्यवस्था सुधारने की मुहिम शुरू करने जा रहा है. शुरुआत में मुंबई, सूरत, वाराणसी और विजाग के आर्थिक परिवर्तन के लिए तैयार की गई योजना पर काम किया जाएगा. इसके बाद देश की आर्थिक गतिविधियों के केंद्र माने जाने वाले 20 से 25 शहरों की आर्थिक योजना भी नीति आयोग तैयार करेगा. इसकी वजह है कि 2047 तक ये शहर भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करने के दौरान सबसे ज्यादा मददगार साबित हो सकते हैं.
शहरी आर्थिक योजना से कायापलट होगी
नीति आयोग का कहना है कि पहले हम केवल शहरों की शहरी योजना तैयार करते थे. लेकिन अब शहरों की आर्थिक योजना पर भी काम करना बेहद जरुरी है. यही वजह है कि शुरुआत में 4 शहरों की आर्थिक योजना तैयार करके नीति आयोग ने अपनी आक्रामक रणनीति का संकेत दे दिया है. भारत को 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए नीति आयोग एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विजन डॉक्यूमेंट को जल्दी ही जारी करेंगे.
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विकसित भारत के लिए 10 लाख युवाओं ने दिए सुझाव!
इस विजन डाक्यूमेंट को बनाने से पहले 11 दिसंबर को केंद्र सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने से जुड़े सुझाव देश के युवाओं से मांगे थे. अब तक भारत के युवाओं से 10 लाख से ज्यादा सुझाव नीति आयोग को मिल चुके हैं. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल करके आयोग इन पर काम कर रहा है. ये सारी प्रक्रिया यूनिवर्सिटीज और दूसरे शिक्षण संस्थानों की मदद से पूरी कई गई थी.
पिछले साल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नीति आयोग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी. इसमें 2030 तक मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन यानी MMR की जीडीपी को 300 बिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए जरुरी कदमों पर चर्चा की गई थी. 6328 वर्ग किलोमीटर में फैले MMR में ग्रेटर मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पनवेल समेत 9 म्यूनिसिपल कॉरपोरेशंस शामिल हैं. बीते साल नीति आयोग को 10 अलग अलग सेक्टर्स के विजन को विकसित भारत के लिए एक में बदलने के निर्देश दिए गए थे. इनमें आर्थिक ग्रोथ समेत विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरण की सुरक्षा और गुड गवर्नेंस शामिल हैं.