NTPC Green Energy के आईपीओ का निवेशकों को बेसब्री से इंतजार था. क्योंकि हर कोई ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश करना चाहता है, खासकर रिटेल निवेशकों में इस सेक्टर को लेकर खासा उत्साह है. ग्रीन एनर्जी को फ्यूचर का सेक्टर भी बताया जा रहा है. इसलिए लोग सरकारी कंपनी NTPC Green एनर्जी का इंतजार कर रहे थे.
लेकिन आईपीओ के डिटेल्स सामने आने के बाद निवेशकों का उत्साह खत्म हो गया. जिसका असर अब सब्सक्रिप्शन पर देखने को मिल रहा है. एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का आईपीओ 19 नवंबर को खुला था, और आज अप्लाई करने के लिए आखिरी तरीख है. लेकिन IPO को अब तक ठंडा रिस्पॉन्स मिला है.
आखिरी दिन अब तक इतना भरा IPO
आखिरी दिन के दोपहर 2 बजे तक का सब्सक्रिप्शन नजर डालें तो QIB कोटा 273 फीसदी, NII कोटा महज 58 फीसदी और रिटेल कोटा 317 फीसदी भरा है, कुल मिलाकर अब तक यह आईपीओ 140 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है, अब चंद घंटे बचे हैं, ऐसे में बहुत ज्यादा सब्सक्रिप्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती है.
हालांकि अब तक सबसे ज्यादा तीन गुना रिटेल कैटेगरी भरा है. दरअसल, ग्रीन एनर्जी सेक्टर की तमाम कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में ही निवेशकों को अच्छा-खासा पैसा बनाकर दिया है, लेकिन NTPC Green Energy के आईपीओ को लेकर वैसा उत्साह नहीं है. वित्तीय जानकारों की मानें तो महंगे वैल्यूवेएशन की वजह से निवेशक इस IPO में पैसे लगाने से कतरा रहे हैं.
GMP घटकर हुआ जीरो
महंगे वैल्यूवेएशन का असर IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर भी दिख रहा है, जिससे निवेशकों को हौसला और डिगा है. शुक्रवार दोपहर 2 बजे NTPC Green Energy का जीएमपी घटकर शून्य (0) हो गया है, यानी अनलिस्टेड मार्केट में इस IPO की फिलहाल डिमांड नहीं है. ऐसे में निवेशकों से इस IPO को बड़े लिस्टिंग गेन की उम्मीद भी कम है.
इस आईपीओ का प्राइस बैंड 102 रुपये से 108 रुपये के बीच है. रिटेल निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए 138 शेयर अप्लाई करने होंगे. जिसके लिए 14904 रुपये लगाने होंगे. इस आईपीओ की लिस्टिंग 27 नवंबर को होने वाली है. NTPC Green Energy IPO का कुल साइज 10,000 करोड़ रुपये का है. यह कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए 92.59 करोड़ शेयर सेल करेगी.
NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, NTPC लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है. NTPC ग्रीन एक रिन्यूवेबल एनर्जी कंपनी है, जो जैविक और अजैविक मार्गों के माध्यम से परियोजनाओं को शुरू करने पर फोकस रखती है. 31 अगस्त 2024 तक, कंपनी के पास छह राज्यों में सोलर प्रोजेक्ट से 3,071 मेगावाट और विंड प्रोजेक्ट से 100 मेगावाट की परिचालन क्षमता थी.