दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुके पाकिस्तान (Pakistan) पर हर बीतता दिन भारी पड़ रहा है. देश में महंगाई का आलम ये है कि लोग रोटी पानी के लिए भी मोहताज हैं. सरकार की तमाम कोशिशें भी हालात सुधारने में नाकाम साबित हो रही हैं और देश का खजाना लगातार खाली होता जा रहा है. इस बीच राजनीतिक गलियारों में भी खासी उथल-पुथल मची है और पाकिस्तान में वित्त मंत्री इशाक डार (Finance Minister Ishaq Dar) के पद से हटाने की मांग भी तेज हो गई है.
तीन सप्ताह बाद क्या होगा?
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार (Pakistan Forex Reserve) लगातार गिरावट के साथ अब 3 अरब डॉलर के नीचे पहुंच चुका है. आयात के लिहाज से देखें तो ये महज तीन सप्ताह के लिए ही बचा हुआ है. ऐसे हालातों में पाकिस्तान की पूरी आस अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिलने वाली मदद पर टिकी हुई है, जिसमें लगातार देरी होती जा रही है. आईएमएफ से डील में हो रही लेट-लतीफी को लेकर पूर्व इन्वेस्टमेंट बैंकर और इक्विटी निवेश प्रमुख, यूसुफ नजर (Yousuf Nazar) ने बड़ी बात कही है.
देश में और बुरे दिनों की चेतावनी
युसुफ नजर ने कहा है कि वित्त मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) के पास ग्लोबल लैंडर आईएमएफ (IMF) के साथ काम करने या फिर सुधारों का प्लान पेश करने की कोई स्पेशिएलिटी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर हम Pakistan Economy में जारी तेज गिरावट पर ब्रेक लगने की उम्मीद रखना चाहते हैं, तो फिर वित्त मंत्री इशाक डार को पद से हटाया जाना चाहिए. नजर ने आगे कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर हमें आने वाले और भी बुरे दिनों के लिए तैयार रहना होगा.
दिवालिया हो सकता है पाकिस्तान!
पाकिस्तान जरूरी सामानों के आयात के लिए मोहताज नजर आ रहा है. लगातार गिरते विदेशी मुद्रा भंडार ने देश के जल्द दिवालिया (Bankrupt) होने के संकेत दे दिए हैं. मूडीज हो, फिच हो या फिर एस एंड पी ग्लोबल तमाम वैश्विक रेटिंग एजेंसिया पाकिस्तान की रेटिंग घटाती जा रही हैं.
पहले से महंगाई (Pakistan Inflation) की आग में झुलस रहे देश के लोगों की चिंता मूडीज इन्वेस्टर्स ने अपनी रिपोर्ट के जरिए और भी बढ़ा दी है. दरअसल, रेटिंग एजेंसी ने आशंका जताई है कि 2023 की पहली छमाही में देश की महंगाई दर कम होने से पहले 33 फीसदी के उच्च स्तर तक पहुंच सकती है.
IMF की कड़ी शर्तें मानने को तैयार
बात करें IMF से मिलने वाली मदद की तो पाकिस्तान ने 2019 में 6 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज के लिए साइन किया था. इस डील के 1.1 अरब डॉलर की किस्त रुकी हुई है और इसे जारी कराने के लिए देश की शहबाज शरीफ सरकार (shahbaz Sharif Govt) वैश्विक निकाय की हर कड़ी शर्त को मानने के लिए भी तैयार है. इसके तहत जहां सरकार देश के नागरिकों पर 170 अरब डॉलर का नया टैक्स थोप रही है, वहीं पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) और गैस के दामों में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी के तुगलकी फरमान जारी कर रही है.