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Pakistan Crisis: एक डॉलर की कीमत 255 पाकिस्तानी रुपया... कंगाल पाकिस्तान पर श्रीलंका जैसा एक और संकट

Pakistan Economic Crisis: रोटी-पानी को मोहताज जनता और जरूरी सामानों की कमी. आटे का अकाल और रसोई गैस की किल्लत...ऐसे हैं पड़ोसी देश पाकिस्तान के हालात. इन्हें सुधारने की तमाम कोशिशें काम नहीं आ रही हैं. पाकिस्तानी करेंसी में आई जोरदार गिरावट से बदहाल इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा है.

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डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचा पाकिस्तानी रुपया
डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचा पाकिस्तानी रुपया

पाकिस्तान का आर्थिक संकट (Pakistan Economic Crisis) कम होता नजर नहीं आ रहा है. कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान में विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है और देश भारी नकदी संकट से जूझ रहा है. इस बीच उसे एक और जोरदार झटका लगा है. दरअसल, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी करेंसी में जबरदस्त गिरावट आई है. अमेरिकी करेंसी के मुकाबले ये 255 तक गिर गया. 

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इतनी गिर गया पाकिस्तानी रुपया
पाकिस्तानी रुपया (Pakistan Rupya) बीते 25 जनवरी को 230 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. जबकि गुरुवार 26 जनवरी को बाजार खुलने के साथ ही इसमें और गिरावट आती गई और डॉलर के मुकाबले यह 255 रुपये तक टूट गया. ये स्तर इसका सबसे लो लेवल है. पहले से ही उच्च महंगाई और नकदी संकट का सामना कर रहे देश की करेंसी का बुरा हाल हो चुका है. बीते एक साल में पहले बाढ़ औऱ फिर आर्थिक संकट ने पाकिस्तान का कमर तोड़ कर रख दी है. 

ये है करेंसी में गिरावट की बड़ी वजह
हर बीतते दिन के साथ पाकिस्तान में वित्तीय संकट (Pakistan Financial Crisis) बढ़ता ही जा रहा है. दूसरे देशों और इंटरनेशनल एजेंसियों के आगे हाथ फैलाते पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) से राहत पैकेज की अगली किस्त को लेकर उसकी कठिन शर्तों को मानने के लिए राजी है. इन संकेतों का पाकिस्तानी करेंसी पर बुरा असर हुआ है और इसे गिरावट का प्रमुख कारण माना जा रहा है. 

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देश के खाली होते खजाने के बीच अर्थव्यवस्था (Pakistan Economy) को बचाने के उपाय के तहत कुछ दिन पहले ही पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ एक बयान में इस बात का जिक्र किया था कि उनकी सरकार रुके 6 अरब डॉलर के राहत पैकेज को बहाल कराने के लिए IMF की कठिन शर्तों को मानने के लिए तैयार है. पाकिस्तान के ताजा हालात ऐसे बन चुके हैं कि वो कई देशों से आर्थिक मदद मांग रहा है, लेकिन कोई आगे बढ़ने को तैयार नहीं है. 

सामान के पेमेंट के लिए पैसे नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महंगाई (Inflation In Pakistan) 25 फीसदी के करीब है और आटा...दाल...चावल से लेकर पेट्रोल-डीजल तक लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है. पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 4.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. जरूरी सामानों का आयात करने में असमर्थ पाकिस्तान में आर्थिक संकट के साथ ही बिजली संकट (Pakistan Power Crisis) भी गहरा गया है. यही नहीं पाकिस्तानी बंदरगाहों पर विदेशी कंटेनर भरे पड़े हैं. मगर पेमेंट करने के लाले हैं. कुल मिलाकर कहें तो पाकिस्तान के सामने भी श्रीलंका (Sri Lanka) की तरह ही डिफॉल्ट होने का खतरा मंडरा रहा है. 

 

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