
पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) 9 दिन में आठ बार महंगा हो चुका है. ये महंगाई कहां रुकेगी. फिलहाल किसी को पता नहीं है. दरअसल जब आप पंप पर पेट्रोल-डीजल भरवाने जाते हैं और पंप कर्मचारी कहता है सर जीरो देख लीजिए, तभी से दिल की धड़कन बढ़ना धीरे-धीरे शुरू होने लगती है. मीटर पेट्रोल टंकी का चलता है. महंगाई का धुआं जनता की जेब से निकलता है.
कहां एक वक्त था, जब जनता को सपने दिखाए गए थे कि तेल की महंगाई अब अचानक झटका नहीं देगी. रोज घटेंगे बढ़ेंगे दाम. लेकिन किश्तों में प्रतिदिन बढ़ते दामों ने लोगों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है.
22 मार्च को 80 पैसे
23 मार्च को 80 पैसे
25 मार्च को 80 पैसे
26 मार्च को 80 पैसे
27 मार्च को 50 पैसे
28 मार्च को 30 पैसे
29 मार्च को 80 पैसे
30 मार्च को 80 पैसे
यानी 9 दिन में 8 बार दाम बढ़ें तो पेट्रोल ही 5 रुपये 60 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है. चुनाव के बाद रोज बढ़ रहे हैं, अब 101 रुपये हो गया.
कच्चे तेल में उबाल जारी
देश में चुनाव के दौरान चार महीने से ज्यादा वक्त तक एक पैसा भी पेट्रोल डीजल की कीमत में नहीं बढ़ा था. लेकिन नतीजे आते ही महंगाई की धार बेलगाम हो गई. नवंबर-2021 में जब कच्चे तेल की कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल थी. तब आखिरी बार सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड़्यूटी (Excise Duty) में कटौती की थी. उसके बाद रूस-यूक्रेन का युद्ध 24 फरवरी को शुरू होता है. कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में तब 98 डॉलर प्रति बैरल तक रही. इसके बाद युद्ध के दौरान ही 8 मार्च को 130 डॉलर प्रति बैरल तक कीमत कच्चे तेल की गई. जो अभी 110 डॉलर के करीब आ चुकी है.
यानी पांच महीने के भीतर कच्चे तेल की कीमत में करीब 28 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हुआ. लेकिन इन्हीं पांच महीने में दाम पेट्रोल कंपनियों ने एक पैसा नहीं बढ़ाया. वजह सिर्फ एक ये कि पांच राज्यों में चुनाव चल रहा था. अब चुनाव खत्म लगातार दाम बढ़ रहे हैं. अब सवाल ये है कि अभी और कितना दाम अभी बढ़ेगा.
दावा नंबर- 1
सरकारी सूत्रों के मुताबिक 12 से 14 रुपये प्रति लीटर तक पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. इस हिसाब से देखें तो 9 रुपये तक कीमत अभी और कम से कम पेट्रोल-डीजल की बढ़ सकती है.
दावा नंबर- 2
क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट ने दावा किया था कि अगर औसत 100 डॉलर कच्चा तेल रहा तो 9-12 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ सकते हैं. लेकिन क्रूड ऑयल की कीमत अगर औसत 110-120 डॉलर रही तो 15 से 20 रुपये प्रति लीटर तक दाम बढ़ाने पड़ेंगे. इस हिसाब से देखें तो अधिकतम 15 रुपये का और इजाफा तेल के दाम में हो सकता है.
दावा नंबर- 3
Kotak Institutional Equities की एक रिपोर्ट बताती है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 100 से 120 डॉलर तक क्रूड ऑयल का दाम रहने पर अपनी भरपाई के लिए पेट्रोल की कीमत 10 रुपये से लेकर 22 रुपये और डीजल 13 रुपये से लेकर 24 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ानी पड़ सकती है.
इस हिसाब से देखें तो अभी पेट्रोल 17 रुपये तक और डीजल 19 रुपये तक बढ़ सकता है. ऐसी आशंका रिपोर्ट कहती है.
तेल की महंगाई से परेशान जनता
मूडीज रेटिंग एजेंसी के मुताबिक भारत के शीर्ष फ्यूल रिटलेर्स को पांच महीने के दौरान चुनाव में दाम ना बढ़ा पाने के कारण करीब 19 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
दावा होता है कि एक डॉलर कच्चा तेल महंगा हो तो भारत में तेल की कीमत करीब 52 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ानी पड़ती है. पांच महीने में करीब 30 डॉलर तक क्रूड ऑयल के महंगा होने के आधार पर बांटें तो तेल की कीमत में करीब कुल 15 रुपये 60 पैसे तक का इजाफा हो सकता है.
हालांकि अभी 8 दिन में ही 5 रुपये 60 पैसे तक दाम पेट्रोल का बढ़ चुका है तो इस हिसाब से अभी 10 रुपये तक का इजाफा देखने को मिल सकता है.
(आजतक ब्यूरो)