जी हां, कई तरह की दवाइयों की कीमतें घटने जा रही हैं. ऐसा इसलिए हुआ है कि सरकार ने इस साल के बजट में दवा कंपनियों को एजुकेशन सेस से राहत दी है.
एक अंग्रेजी अखबार ने खबर दी है कि सरकार ने फार्मा पर एक्साइज ड्यूटी को घटाकर 6 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही दवा की कीमतों पर नज़र रखने वाले रेगुलेटर ने उनसे दाम घटाने को कहा ताकि इस कमी का लाभ ग्राहकों को मिल सके.
देश में दवा की कीमतों पर नज़र रखने का काम नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी का है. उसने कहा है कि दवाओं की कीमतों में तुरंत कटौती होनी चाहिए.
ध्यान रहे कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में एजुकेशन सेस को 12.36 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी करने का प्रस्ताव किया है. लेकिन बाद में एक अलग अधिसूचना के जरिए दवा तथा फार्मा कंपनियों को इससे मुक्त कर दिया गया. उम्मीद है कि इससे दवाओं की कीमतों में गिरावट आएगी.