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दिल्ली में आ सकता है बिजली का संकट, 18 लाख ग्राहकों पर पड़ेगा असर

टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) ने दिल्ली के लिए घोषित बिजली की नई दरों को लेकर निराशा जताई है.

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टीपीडीडीएल ने संकेत दिए
टीपीडीडीएल ने संकेत दिए
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मौजूदा बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है
  • वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव की आशंका
  • टीपीडीडीएल ने बिजली कटौती के दिए हैं संकेत

आने वाले दिनों में दिल्ली में बिजली की किल्लत हो सकती है. टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) ने इसके संकेत दिए हैं. आपको यहां बता दें कि टीपीडीडीएल उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के करीब 18 लाख उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करती है.  

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क्या है मामला

दरअसल, दिल्ली बिजली नियामक आयोग (डीईआरसी) ने 2020-21 के लिए दिल्ली में बिजली शुल्क की घोषणा की है और कोरोना को देखते हुए दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. इस पर टीपीडीडीएल ने निराशा जताई है. टीपीडीडीएल के एक प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि मौजूदा बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होने से बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर वित्तीय दबाव उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगा. इससे डिस्कॉम की दिल्ली में चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की क्षमता प्रभावित होगी. 

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
बता दें कि दिल्ली में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. हालांकि, पेंशन ट्रस्ट सरचार्ज में वृद्धि की गई है. इस तरह से इस सरचार्ज में 3.80% से बढ़ोतरी के साथ 5% कर दिया गया है. इस वृद्धि से पहले की तुलना में उपभोक्ताओं का बिल थोड़ा अधिक आएगा.

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मुख्यमंत्री ने जनता को दी बधाई

बीते शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिजली की दरों में इजाफा नहीं होने पर प्रदेश की जनता को बधाई दिया. उन्होंने ट्वीट किया, 'दिल्ली की जनता को बधाई. एक तरफ जहां पूरे देश में साल दर साल बिजली की दरें बढ़ रही हैं, दिल्ली में लगातार छठे साल बिजली के दर नहीं बढ़ने दिए और कुछ क्षेत्र में दर कम भी किए. ये एतिहासिक है. ये इसलिए हो रहा है क्योंकि आपने दिल्ली में एक ईमानदार सरकार बनाई.

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