भारत के दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला की शिकायत है कि आज की तारीख में छोटे हो या बड़े निवेशक, वे किसी की सुनते नहीं हैं. वे अपनी मर्जी से शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग करते हैं. भारतीय शेयर बाजार अभी बदलाव के दौर से गुजर रहा है.
दरअसल इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2021 में जब राकेश झुनझुनवाला से कहा गया कि रिटेल निवेशकों को आपकी क्या सलाह रहेगी? क्योंकि आपको छोटे से लेकर बड़े निवेशक गौर से सुनते हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यहां कोई किसी का कहना नहीं मानता है, मैं जून-2020 में चिल्ला-चिल्ला कर रहा था कि ये शेयर ले लो, खरीद लो... किसी ने मेरी बात नहीं सुनी, आज सुनी होती तो पैसा भी बनता.
उन्होंने कहा कि मैंने एक दोस्त से भी कहा कि ये शेयर ले लो, तो उसने कहा- क्यूं? मैं क्यूं का जवाब नहीं दे सकता. चिल्लाते रहिए कोई सुनने वाला नहीं है, लोग अपने मन की करते हैं. कोरोना की पहली लहर के समय अगर निवेशक पैसे लगाए होते तो आज मोटा पैसा बन गया होता.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब निवेशक पूछते हैं कि शेयर बाजार में क्या बड़ी गिरावट आने वाली है? राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि मैं अभी भी बाजार को लेकर बुलिश हूं. बहुत बड़ी गिरावट संभावना कम है. अगर करेक्शन आता भी है तो वह एक निवेश के लिए मौका रहेगा.
झुनझुनवाला की मानें तो बाजार में हमेशा के लिए गिरावट नहीं आती है. इसलिए गिरावट से डरने की जरूरत नहीं है. क्योंकि यही बाजार पिछले साल गिरकर साढ़े 7 हजार अंक पर पहुंच गया था, और यही बाजार अभी साढ़े 17 हजार पर है. उन्होंने निफ्टी की बात करते हुए कहा कि अगर यहां से बाजार गिरकर 16000 अंक तक जाता भी है तो इसे बड़ी गिरावट नहीं कहेंगे, इसे करेक्शन कहेंगे.
उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में मजबूती के पीछे ग्रोथ की कहानी है. रिटेल निवेशकों को फिलहाल लंबी अवधि को ध्यान में रखकर पैसा लगाना चाहिए. बाजार में साइडवेज करेक्शन आ सकता है. उन्होंने फिर दोहराया कि कोरोना महामारी एक फ्लू है, कैंसर नहीं. गौरतलब है कि राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) को शेयर बाजार (Stock Maket) में निवेश का 40 साल से ज्यादा का अनुभव है.