चलो... 2 रुपये वाले शेयर खरीद लेते हैं, 2000 रुपये में ही 1000 शेयर मिल जाएंगे. 4 रुपये होते ही पैसा डबल हो जाएगा. यही सोच अधिकतर रिटेल निवेशक की होती है, और इसी सोच की वजह से रिटेल निवेशक (Retail Investor) अपनी गाढ़ी कमाई पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks) के चक्कर में गंवा देते हैं.
खासकर ऐसे रिटेल निवेशक पेनी स्टॉक्स में फंस जाते हैं, जो बेहद कम कैपिटल के साथ निवेश की शुरुआत करते हैं. अब जब कम कैपिटल होगा तो फोकस भी कम कीमत वाले शेयरों पर ही होगा. धारणा ये होती है कि कम निवेश से ज्यादा रिटर्न मिल जाएगा. लेकिन ऐसे शेयरों में मुनाफे से ज्यादा रिस्क (Risk) होता है. ऐसे कम कीमत वाले शेयरों को जिनका मार्केट कैप (Market Cap) भी कम होता है, उसे हम पेनी स्टॉक कहते हैं. साधारण भाषा में कहें तो ज्यादातर जिन कंपनियों के शेयर 10 रुपये या उससे कम के होते हैं, उसे पेनी स्टॉक्स कहा जाता है.
क्या देखकर पेनी शेयर में करें निवेश?
दरअसल, रिटेल निवेशकों को हमेशा बेस्ट क्वालिटी वाले शेयरों पर निवेश करना चाहिए. क्योंकि जब बाजार गिरता है तो पेनी स्टॉक्स सबसे पहले भराभरा जाता है. ऐसे स्टॉक्स सेटीमेंट पर ज्यादा दौड़ता है. ये एक तरह से बर्निंग ट्रेन में यात्रा करने के समान है. पेनी स्टॉक्स में निवेश से पहले कंपनी के गुड मैनेजमेंट, बिजनेस और आउटलुक को देखना बहुत जरूरी है. साथ ही ये देखना अनिवार्य होता है कि कंपनी के पास जीरो डेट या कर्ज ना के बराबर है.
अगर बहुत ज्यादा पेना स्टॉक्स निवेश के उत्सुक हैं तो फिर अपने पोर्टफोलियो का केवल 5 फीसदी हिस्सा ऐसे स्टॉक्स के लिए रखें. यही नहीं, हमेशा किसी भी स्टॉक में पॉजीशन लेने से पहले अपने स्टॉप लॉस को ध्यान में रखकर ही निवेश करें.
पेनी स्टॉक्स से क्या खतरा
बाजार में उतार-चढ़ाव के समय में सबसे ज्यादा नुकसान पेनी स्टॉक्स के निवेशकों को ही उठाना पड़ता है. कई बार ऐसा भी होता है कि सारा निवेश ही डूब जाता है. कई पेनी स्टॉक्स को ऑपरेट करने वाले भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए भी शेयर खरीद कर दाम बढ़ाते हैं. ऐसे समय में निवेशकों को बड़ी बारीकी से पेनी स्टॉक्स के रिस्क और मुनाफे को समझना होगा. बिना सही जानकारी के निवेश करने से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
पेनी स्टॉक की कीमत बहुत कम होती है. जिससे एक आम निवेशक रिटर्न और कीमत देखकर पैसे लगा देते हैं. जिसका कारण है कि पेनी स्टॉक्स के शेयरों में तेजी आने लगती है. ऐसे समय में पेनी स्टॉक्स को ऑपरेट करने वाले शेयर को बेचकर निकल जाते हैं और मुनाफा कमा लेते हैं. इन सब बातों से कई बार नए निवेशक या रिटेलर को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.
इस उदाहरण से समझिए...
उदाहरण के लिए X निवेशक ने किसी कंपनी के 5 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 10000 शेयर लिए. निवेशक ने कुल 50,000 रुपये का निवेश किया. अब शेयर की कीमत एक महीने में प्रति शेयर 10 रुपये तक गई. निवेशक को 5 रुपये प्रति शेयर का मुनाफा हुआ. कुल निवेश 50,000 रुपये का था जो बाजार में आई तेजी से बढ़कर 1,00,000 रुपये हो गया. यानी की महीनेभर में ही 50,000 रुपये से फायदा संभव है. बाजार में तेजी के रूख से सबसे ज्यादा फायदे की संभावना होती है. लेकिन, ध्यान रहे कि पेनी स्टॉक्स में सक्सेस रेट केवल 1 से 2 फीसदी के बीच का ही होता है.
ऐसा नहीं है कि सभी पेनी स्टॉक्स में निवेश करना खराब होता है. बिजनेस मॉडल कैसा है, फ्यूचर कैसा है, कितना कर्ज है ये सब पहले देख लें उसके बाद ही उस पेनी स्टॉक में निवेश करें.
सबसे बेहतरीन उदाहरण यस बैंक, GTL INFRA और सकुमा एक्सपोर्ट जैसी कंपनियां का है, इन शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है. JAIPRAKASH ASSOCIATES शेयर का मौजूदा समय में प्राइस 4.15 रुपये है, जिसका 52 वीक हाई 26.85 रुपये है. SAKUMA EXPORTS के शेयर प्राइस 2.75 रुपये है, जिसका 52 वीक हाई 10.30 रुपये है. GTL INFRA लिमिटेड के शेयर की कीमत 1.65 रुपये है, वहीं शेयर का 52 वीक हाई 4.33 रुपये है. Yes Bank के शेयर फिलहाल 18 रुपये का है, इस शेयर का 52 वीक हाई 28 रुपये है.
अगर किसी के पास सीमित कैपिटल है और जिनके पास 100 फीसदी कैपिटल नुकसान को झेलने की शक्ति न हो, तो ऐसे में उन लोगों को पेनी स्टॉक्स में निवेश नहीं करना चाहिए. लेकिन, रिस्क की बात करें तो अगर पेनी स्टॉक्स सही परफॉर्म नहीं करेंगे तो निवेशक को 100 फीसदी कैपिटल नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
पेनी स्टॉक्स में निवेश करने से पहले रखें ध्यान:
- पेनी स्टॉक्स में निवेश करना हमेशा जोखिम भरा होता है. इसमें निवेशकों को लाभ से ज्यादा नुकसान का रिस्क होता है.
- लो-लिक्विडिटी की वजह से खरीद-बिक्री में मुश्किल होता है. साथ ही, उतार-चढ़ाव काफी होता है, जिसकी वजह से अचानक कीमत गिरने के निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ता है.
- कई बार निवेशकों कंपनी के बिना किसी भविष्य की योजना को देखे निवेश कर देते हैं. ऐसे में निवेशकों को कंपनी की ग्रोथ का सही अंदाजा नहीं होता है और उन्हें नुकसान झेलना पड़ता है. इसका ध्यान देना बहुत जरूरी है.
- पेनी स्टॉक्स की ऊपर जाने की सीमा नहीं, इसलिए गिरावट का भी उतना खतरा रहता है.
- केवल 2-3 शेयरों में निवेश करना बुद्धिमानी, केवल शॉर्ट-टर्म के लिए करें निवेश.
- पेनी स्टॉक से जुड़े अफवाहों पर ना जाएं. साथ ही, जल्दबाजी में निवेश करने के बचें.
- याद रखें, पेनी स्टॉक "उच्च जोखिम वाले" स्टॉक की तरह. खुदरा निवेशकों के लिए,म्यूचुअल फंड्स अधिक सुरक्षित हैं.
- कई बार पेनी स्टॉक ऑपरेट करने वाले शेयर में पैसा लगाकर कीमत बढ़ाते है. जिसके कारण रिटर्न और कीमत से होते हैं निवेशक आकर्षित. इसपर ध्यान दें.
- स्टॉक ऑपरेटर तेजी का फायदा उठाकर बाद में बेच देते हैं शेयर. इसलिए स्टॉक ऑपरेटर की चाल से निवेशक रहें सावधान.
- हमेशा कंपनी की ग्रोथ, योजनाओं को ध्यान में रखकर करें निवेश. साथ ही, बिजनेस मॉडल, फ्यूचर, कर्ज देखकर करें पेनी स्टॉक में निवेश.
- पेनी स्टॉक्स में अगर ट्रेडिंग कर रहे हैं तो बचकर रहें. लंबी अवधि के निवेशक हमेशा रहें दूर.
लोगों को यही सलाह है कि वो पेनी स्टॉक्स में अगर ट्रेडिंग कर रहे हैं तो बच कर रहें और कोई लालच ना करें. बिना स्टॉपलॉस के ट्रेड ना करें और अपना सौदा हमेशा टारगेट के पूरा होते ही काट लें वरना भारी नुकसान बाद में झेल सकते हैं. अच्छे निवेशकों को यही सलाह है कि पेनी स्टॉक्स में निवेश से दूर रहें और फंडामेंटल मजबूत कंपनियों में निवेश करें. कंपनी की आर्थिक, बैलेंस शीट जरूर चेक करें. सबसे अहम बात है कि बिना किसी निवेश सलाहकार के कभी निवेश न करें. अगर अधूरे ज्ञान के साथ आप निवेश करेंगे तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसलिए हमेशा समझदारी से सोच-समझकर निवेश करें.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)