देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) ने पिछले कुछ साल में जनधन अकाउंट (Jan Dhan Account) समेत बेसिक बचत अकाउंट (Basic Saving Account) वाले ग्राहकों से भारी-भरकम राशि की वसूली कर ली है. संसद में सामने आई जानकारी के अनुसार, बैंक ने ऐसे ग्राहकों से पिछले कुछ साल में करीब 346 करोड़ रुपये की वसूली की है. ये पैसे बैंक ने वैल्यू ऐडेड सर्विसेज (Value Added Services) के बदले लिए हैं.
एसबीआई ने वसूल लिए 346 करोड़
वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड (MoS Finance Bhagwat Karad) ने मौजूदा सत्र के दौरान एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा (Rajya Sabha) में इसके आंकड़े को सामने रखा. मंत्री के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एसबीआई ने जनधन समेत बेसिक अकाउंट रखने वालों ग्राहकों से 346 करोड़ रुपये वसूले हैं. ये पैसे 2017-18 से अक्टूबर 2021 के दौरान वसूले गए हैं. बैंक ने फ्री में उपलब्ध सर्विसेज के अलावा ग्राहकों के द्वारा ली गई अन्य सेवाओं के बदले ये पैसे लिए हैं.
जन धन अकाउंट के लिए मिनिमम बैलेंस की नहीं है शर्त
सभी बैंक कई बैंकिंग सर्विसेज के बदले ग्राहकों से सालाना या मासिक आधार पर पैसे वसूलते हैं. इनमें एटीएम (ATM) से लेकर इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) और चेकबुक तक के चार्जेज शामिल होते हैं. कई मामलों में बैंक ग्राहकों से अकाउंट में एक मिनिमम बैलेंस (Minimum Balance) मेंटेन नहीं करने के एवज में शुल्क वसूलते हैं. आरबीआई (RBI) का गाइडलाइन है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना (Pradhanmantri Jan Dhan Yojana) के तहत खुले अकाउंट समेत बेसिक बैंक बचत खाता रखने वाले ग्राहकों को कुछ मिनिमम फैसिलीटीज फ्री में दी जानी चाहिए. ऐसे खाताधारकों से मिनिमम बैलेंस के नाम पर भी पैसे वसूले नहीं जाने चाहिए.
इन सर्विसेज के लिए नहीं काटे जा सकते पैसे
इसी तरह सीबीडीटी (CBDT) ने बैंकों को साफ कहा है कि रूपे डेबिट कार्ड (Rupay Debit Card), यूपीआई (UPI) अथवा यूपीआई कोड जैसे इलेक्ट्रॉनिक मोड से किए जाने वाले लेनदेन के लिए बैंक चार्ज वसूल नहीं कर सकते हैं. सीबीडीटी ने सभी बैंकों को कहा था कि एक जनवरी 2020 के बाद ऐसे ट्रांजेक्शन पर जो भी पैसे वसूले गए हैं, वे ग्राहकों को वापस लौटाए जाएं.
बैंक के ऐप के बजाय यूज करें यूपीआई बेस्ड ऐप
बिना वजह चार्जेज कटवाकर होने वाले नुकसान से बचने के लिए कुछ चीजें जान लेने की जरूरत है. अगर आपके पास भी बेसिक बचत खाता या जनधन खाता है, तो ट्रांजेक्शन रूपे कार्ड या यूपीआई से ही करें. स्टेटमेंट में चेक कर लें कि कहीं ऐसे ट्रांजेक्शन के लिए बैंक ने पैसे तो नहीं काट लिए. अगर बैंक ने पैसे काट लिए हों तो अपने ब्रांच में इसकी लिखित शिकायत करें. बैंकों के हिसाब से इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) भी वैल्यू ऐडेड सर्विस हैं. इस कारण बैंक का ऐप न यूज कर यूपीआई बेस्ड ऐप का यूज करें.