सरकारी स्मॉल सेविंग योजना (Small Saving Scheme) की श्रेणी में शामिल सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) बेटियों का भविष्य सुरक्षित करने का अच्छा विकल्प है. अगर आपके घर में 10 साल से कम उम्र की बिटिया है, तो उसके नाम पर इस योजना में अकाउंट ओपन करवा सकते हैं. इसमें छोटा सा निवेश कर बच्ची के लिए मोटा फंड जमा किया जा सकता है.
2015 में शुरू की गई थी योजना
मोदी सरकार ने साल 2015 में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत Sukanya Samriddhi Yojana की शुरुआत की थी. सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश पर 7.6 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है. अगर आप अपने जमा पर ज्यादा ब्याज पाना चाहते हैं तो फिर आपको हर महीने का 5 तारीख को किस्त हर हाल में जमा कर देनी चाहिए.
इसलिए भरें 5 तारीख से पहले किस्त
दरअसल, SSY योजना के तहत सरकार तिमाही आधार पर इस पर मिलने वाली ब्याज दरों पर फैसला करती है. ऐसे में 5 तारीख और अंत आखिरी के बीच में जितना न्यूनतम बैलेंस होता है, उसपर ब्याज दर की गणना की जाती है. यही कारण है कि हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करना फायदा करा सकता है. बीते दिनों इसे लेकर जारी नए नियमों में तहत खाते का सालाना ब्याज हर वित्त वर्ष के अंत में क्रेडिट किया जाता है.
कहां खुलेगा SSY खाता?
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आवेदक अपनी बेटी के नाम पर किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस (Post Office) में खाता खुलवा सकते हैं. सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आप अपने बिटिया के नाम कम से कम 250 रुपये की राशि से खाता खुलवा सकते हैं. जबकि इस योजना में अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा कर सकते हैं.
क्या-क्या देने होंगे दस्तावेज?
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाने के लिए आवेदक को फॉर्म के साथ पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपनी बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट भी जमा कराना होगा. इसके अलावा बच्ची और माता-पिता का पहचान पत्र (पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट) और जहां रह रहे हों उसका प्रमाण पत्र (पासपोर्ट, राशन कार्ड, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, पानी का बिल) जमा कराना होगा.
क्या है स्कीम में मैच्योरिटी पीरियड?
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा की गई राशि बच्ची की उम्र 21 साल होने पर मेच्योर हो जाती है. यानी आप 21 साल बाद पैसे की निकासी कर सकते हैं. हालांकि, 18 साल की उम्र के बाद अगर बेटी की शादी होती है तो पैसा निकाल सकते हैं. इसके अलावा 18 वर्ष की उम्र के बाद बेटी की पढ़ाई के लिए 50 फीसदी तक पैसा निकाल सकते हैं.