वित्तीय वर्ष 2024-25 का आगाज हो गया है, इससे पहले 31 मार्च तक लोग इनकम टैक्स (Income Tax) बचाने के लिए जोड़-तोड़ में लगे थे. लेकिन अगर आप भी आयकर बचाने के लिए आखिर के महीनों में निवेश करते हैं तो फिर असली फायदा लेने से चूक जाते हैं. आप तुरंत निवेश कर टैक्स तो बचा लेते हैं, लेकिन उस निवेश पर सही तरीके से रिटर्न का लाभ नहीं उठा पाते हैं. आइए जानते हैं, कैसे अधिकतर टैक्सपेयर्स बेहतर रिटर्न से चूक जाते हैं.
दरअसल, सिंपल फॉर्मूला है, आप निवेश की राशि को वित्तीय वर्ष के आखिरी महीनों में निवेश की बजाय उसे 12 महीनों में बांट दें, यानी हर महीने निवेश कीजिए, और इसकी शुरुआत वित्तीय वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल से ही कर दीजिए. इसलिए अगर आप वित्त वर्ष 2024-25 में टैक्स सेविंग के साथ-साथ बेहतर रिटर्न चाहते हैं, तो निवेश की शुरुआत अप्रैल महीने से ही कर दें.
इसके गजब फायदे हैं. जब आप मंथली टैक्स सेविंग के निवेश करते हैं तो उसमें मंथली ब्याज भी जुड़ता है, जो कि एक साथ मार्च में निवेश के मुकाबले बेहतर रिटर्न देता है. ऐसे में टैक्स सेविंग लाभ के साथ बेहतरीन रिटर्न भी आपके पोर्टफोलियो में आ जाता है. आइए जानते हैं निवेश के कौन-कौन से विकल्प हैं.
EPF
सैलरीड क्लास के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) टैक्स बचाने का एक सबसे सरल ऑप्शन है. इसमें सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स डिडक्शन मिलता है. EPF का मैनेजमेंट सेंट्रल ट्रस्टी बोर्ड (CBT) करता है. निवेशकों को वित्त-वर्ष 2023-24 के दौरान EPF पर ब्याज की दर 8.25 फीसदी निर्धारित थी.
Public Provident Fund (PPF)
देश में अधिकतर लोग टैक्स सेविंग (Tax Saving) के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF में पैसे लगाते हैं, यह निवेश का भी एक अच्छा विकल्प है. लेकिन अगर थोड़ी समझदारी के साथ पैसे लगाएं तो शानदार रिटर्न का लाभ ले पाएंगे. पहली बात PPF में निवेश मंथली करें, और हर महीने पैसे 5 तारीख तक अवश्य जमा करा दें, जिससे आपको उस महीने का भी ब्याज मिल जाएगा.
PPF में निवेश के साथ मैच्योरिटी रकम और ब्याज भी टैक्स फ्री रहता है. लॉन्ग टर्म में सेफ इन्वेस्टमेंट और बड़ा फंड बनाने का यह बेहतर तरीका है. पीपीएफ अकाउंट में निवेश पर धारा 80C के तहत 1.50 लाख रुपये टैक्स डिडक्शन मिलता है.
NPS
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश कर सेक्शन 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट ले सकते हैं. यानी 80C के तहत 1.50 लाख रुपये और 80CCD (1B) में निवेश कर अतिरिक्त 50 हजार रुपये का टैक्स लाभ ले सकते हैं. यह सरकारी स्कीम नौकरीपेशा के लिए लॉन्ग टर्म में टैक्स सेविंग के साथ-साथ रिटायरमेंट फंड बनाने में भी मददगार है. इस स्कीम में मंथली निवेश पर शानदार रिटर्न संभव है.
ELSS
अगर आप टैक्स सेविंग के लिए म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करना चाहते हैं, तो आप इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) में निवेश कर सकते हैं, इसमें आयकर धारा 80C के तहत 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलेगा. ELSS पर बेहतर रिटर्न के साथ टैक्स सेविंग होती है. डबल बेनेफिट के चलते सैलरीड टैक्सपेयर्स के बीच एक लोकप्रिय टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट है.