आज महंगाई काफी बढ़ चुकी है. अपना घर खरीदना हो या फिर बेटी की शादी और बच्चों की पढ़ाई सबसे महंगे सौदों में शामिल हैं, जिनपर मोटा पैसा खर्च होता है. इन कामों के लिए कभी न कभी लोन (Loan) भी लेना पड़ सकता है. लेकिन कर्ज (Debt) का बोझ बढ़ने पर आर्थिक स्थिति खराब होते देर नहीं लगती है. कई बार लोन को ठीक ढंग से मैनेज नहीं करने के चलते आप कर्ज के जाल में फंस जाते हैं, तो कभी ऐसा भी होता है कि फुल प्रूफ फाइनेंशियल प्लानिंह के बावजूद आप खुद को इसमें फंसने से रोक नहीं पाते. ऐसी स्थिति में कुछ खास टिप्स (Useful Financial Tips) आपकी मुश्किल आसान बनाने में काम आ सकते हैं...
लोन लेकर आप घर या कार खरीद सकते हैं. इतना ही नहीं, लोन लेकर आप बच्चों की एजुकेशन और शादी जैसे अपने फाइनेंशियल गोल को पूरा कर लेते हैं. हालांकि, यह आपकी फाइनेंशियल सेहत के लिए अच्छी चीज नहीं होती है. जब कर्ज का बोझ बढ़ जाता है, तो फिर इससे बाहर निकलना काफी मुश्किल हो जाता है, लेकिन इसके बाद भी अगर आप सही स्ट्रेटजी के साथ इससे निकलने की कोशिश करते हैं, तो फिर आप कर्ज के जाल से मुक्त हो सकते हैं.
जितना जरूरी हो उतना ही लें लोन
बैंक हो या फिर क्रेडिट कार्ड कहीं से भी लोन लेना महंगा ही पड़ता है. तो ऐसे में Loan लेते समय अपने दिमाग में ये बात बैठा लें कि आपको लिए गए कर्ज के दोगुने से ज्यादा वापस करना है. ऐसे में लोन उतना ही लें, जितनी जरूरत हो. अगर आप पहले ही कर्ज के बोझ से दबे हैं तो आपको एक और लोन लेने से बचना चाहिए. आदर्श तौर पर आपके सभी EMIs और क्रेडिट कार्ड का बिल आपके कुल इनकम के 40-50 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए. इससे पहले अपनी क्षमता और खर्चों का आकलन जरूर कर लें. जब आप ये लोन चुका लें, तभी किसी दूसरे लोन के बारे में सोचें.
पहला टिप्स : कर्ज मुक्त होने के लिए किसी भी तरह का सॉल्यूशन निकालने के लिए सबसे पहले अपने ऊपर चल रहे सभी Loan की एक लिस्ट बनाएं. इसमें कर्ज, उसकी ईएमआई और उनकी ब्याज दर के साथ ही अवधि को लिखिए. इससे आपको अर्जेंट और सबसे महंगे लोन को पहचानने में मदद मिलेगी.
दूसरा टिप्स : पूरे लोन की समीक्षा के बाद आपको यह समझ आ जाता है कौन सा लोन सबसे महंगा और कौन सा सबसे सस्ता है. लेकिन आप पहले सबसे महंगा वाला लोन चुकाने पर फोकस करें. क्योंकि इस पर लागू अधिक ब्याज के भुगतान से आपके फाइनेंस पर असर पड़ता है. उदाहरण के लिए आप होम लोन पर करीब 6.6-9 फीसदी, पर्सनल लोन पर 10-16 फीसदी ब्याज का भुगतान करते हैं. क्रेडिट कार्ड लोन तो काफी महंगा होता है. ऐसे में आप सबसे सस्ते लोन पर टॉप अप लेकर ज्यादा इंटरेस्ट वाले लोन को बंद करा सकते हैं.
तीसरा टिप्स : री-फाइनेंस का तरीका भी काम आ सकता है. आप महंगे लोन को सस्ती दरों के लोन में बदलने की कोशिश कर सकते हैं. यहां ध्यान रखें कि पर्सनल फाइनेंस के लोन लॉन्ग टर्म वाले और कम EMI वाले होते हैं, जबकि Credit Card Loan शॉर्ट टर्म और बड़ी ईएमआई वाले होते हैं. इसके लिए आप अपने सभी क्रेडिट कार्ड के लोन को पर्सनल लोन में कनवर्ट करा सकते हैं, या फिर गोल्ड लोन या कम इंटरेस्ट रेट वाले लोन की मदद से बड़े लोन को कम सकते हैं.
चौथा टिप्स : अगर आपके पास कुछ ऐसा एसेट पड़ा है जिसे लिक्विडेट किया जा सकता है, तो इस काम में संकोच मत कीजिए. इस रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए कर सकते हैं. इसके अलावा अगर आप अपने बजट को रिस्ट्रक्चर कर गैर-जरूरी खर्चों को उसमें से हटाते हैं तो उस रकम का इस्तेमाल आप प्री-पेमेंट (Loan Pre-Payment) के लिए कर सकते हैं. प्री-पेमेंट से आप अपने कर्ज के बोझ को काफी कम कर सकते हैं.
पांचवां टिप्स : अगर आपका लंबे समय से बढ़िया इन्क्रीमेंट नहीं हुआ है, तो फिर आप जॉब नौकरी बदलने के बारे में विचार कर सकते हैं, जिससे आपकी सैलरी में इजाफा हो सके और बढ़े हुए पार्ट का इस्तेमाल के जरिए लोन का बोझ कम किया जा सके. इसके अलावा आप किसी तरह का पार्ट टाइम बिजनेस शुरू कर अपनी इनकम को बढ़ाने के बारे में सोच सकते हैं. इससे आपको कर्ज के जाल से जल्द निकलने में मदद मिलेगी.