टमाटर की कीमतों (Tomato Price) में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है, हर रोज इसका भाव नई ऊंचाई पर पहुंच रहा है और इसके चलते घरों की रसोई से रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली ये सब्जी गायब सी हो गई है. बीते दो हफ्तों में देश के अलग-अलग शहरों में टमाटर की कीमत रॉकेट की रफ्तार से बढ़ीं और 100 का आंकड़ा पार लिया. इसके बाद कुछ शहरों में ये 120 रुपये प्रति किलो के दाम पर बेचा जाने लगा, लेकिन अब टमामटर और भी महंगा हो गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में टमाटर का रिटेल भाव 160 रुपये प्रति किलोग्राम (Tomato Price In Bhopal) पर पहुंच गया है.
140-160 रुपये तक बिक रहा टमाटर
बे-मौसम और लगातार तेज बारिश ने सब्जियों की पैदावार पर बुरा असर डाला. इसके चलते लगभग सभी सब्जियां महंगी हुई हैं, लेकिन सबसे ज्यादा टमाटर की कीमतों में आग लगी है. पैदावार कम होने और बारिश के चलते फतल खराब होने से मांग के मुताबिक, इसकी सप्लाई नहीं हो पा रही है. इस वजह से टमाटर की कीमतें हर बीतते दिन के साथ बढ़ती ही जा रही हैं. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भोपाल के विठ्ठल मार्केट में टमाटर का भाव पहले ही सबसे ज्यादा 140 रुपये किलो था, जो रविवार को 160 रुपये तक पहुंच गया. टमाटर की फसल खराब होने के चलते यहां की मंडियों में ये बेंगलुरु से आ रहा है. थोक मार्केट की बात करें तो टमाटर का भाव 2200 से 2300 रुपये प्रति कैरेट चल रहा है.
टमाटर के साथ अन्य सब्जियां भी महंगी
भोपाल में टमाटर का भाव 160 रुपये तक पहुंच गया है, तो वहीं देश के अन्य राज्यों में भी ये 120 से 135 रुपये प्रति किलो के हिसाब से रिटेल में बिक रहा है. टमाटर के अलावा प्याज, आलू, बैंगन, अदरक और हरी मिर्च-हरा धनिया भी कीमत के मामले में रफ्तार पकड़े हुए हैं. मिर्च और धनिया भी थोक मार्केट में 125 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही हैं. रिपोर्ट में भोपाल के रहने वाले राम तिवारी नामक व्यक्ति के हवाले से कहा गया कि टमाटर के दाम (Tomato Price) आसमान छू रहे हैं, हमने टमाटर को सब्जी में शामिल नहीं किया है और लगता है कुछ दिनों के लिए टमाटर छोड़ना पड़ेगा.
कीमतें बढ़ने से बिगड़ा रसोई का बजट
बारिश और आंधी-तूफान के असर के चलते बीते दिनों अदरक की कीमत 200-250 रुपये किलो तक पहुंच गई थी. दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी बीन्स करीब 110-120 रुपये किलो, गाजर 100 रुपये, जबकि शिमला मिर्च 80 रुपये प्रति किलो तक के भाव पर बिकी. कुल मिलाकर कहा जाए तो बीते एक-दो हफ्ते में ही खुदरा और थोक बाजार में ज्यादातर सब्जियों के रेट दोगुने हो गए हैं. बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के बीच सब्जियों की कीमतें दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं. लोगों का कहना है कि सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है और टमाटर खरीदने से पहले तो सोचना पड़ता है.
सरकार ने की है ये तैयारी
टमाटर की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के मद्देनजर सरकार भी तमाम प्रयास कर रही है. उपभोक्ता मंत्रालय की ओर से Tomato Grand Challenge शुरू किया गया है. इस हैकाथन के जरिए जनता से टमाटर के कीमतों पर सुझाव मांगे जा रहे हैं. इसके तहत छात्र, रिसर्च स्कॉलर, फैकल्टी मेंबर, उद्योग जगत, एमएसएमई प्रोफेशनल लोग, स्टार्टअप से जुड़े लोगों से इन्नोवेटिव आइडिया मांगे गए हैं. बता दें भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक देश है.
पीयूष गोयल ने दिलाया कीमतें कम होने का भरोसा
देश में टमाटर की थोक और रिटेल कीमतें बढ़ने को लेकर केंद्र सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने रविवार को कहा कि पिछले साल की कीमतों की तुलना करने पर, तमाम चीजों की औसत कीमत में ज्यादा अंतर नहीं है. इस बीच टमाटर एकमात्र है जिसकी कीमत सप्ताह के दौरान बढ़ी है. हम सभी जानते हैं कि बेमौसम बारिश के कारण टमाटर के भाव में तेजी आई है और जैसे ही हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के कुछ स्थानों से टमाटर आने लगेंगे, कीमतें कम हो जाएंगी.