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नहीं रहे विनीत नैय्यर, आनंद महिंद्रा ने कहा- भूल नहीं पाएंगे, 'सत्यम कंप्यूटर' खरीदने में थी बड़ी भूमिका

विनीत एक आईएएस अधिकारी भी रहे. इसके बाद उन्‍होंने वर्ल्‍ड बैंक में भी काम किया और GAIL के पहले अध्‍यक्ष पद पर भी रहे. इसके बाद इन्‍होंने एचसीएल कॉरपोरेशन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर और HCL टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के उपाध्यक्ष के पद पर कार्यभार संभाला था.

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Vineet Nayyar and Anand Mahindra
Vineet Nayyar and Anand Mahindra

टेक महिंद्रा के पूर्व कार्यकारी उपाध्यक्ष विनीत नैय्यर का 16 मई को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया. आईटी दिग्‍गज के निधन पर इंडस्‍ट्री और अन्‍य हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. अरबपति आनंद महिंद्रा भी नैय्यर के योगदान को यादकरके भावुक हो गए. सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्‍ट के जरिए आनंद महिंद्रा ने अपनी संवेदना प्रकट की. 

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आनंद महिंद्रा ने एक्‍स पर लिखा कि आज सुबह विनीत नैय्यर के निधन की खबर साझा करते हुए मुझे दुख हो रहा है. अरबपति ने उनके योगदान के बारे में बताते हुए कहा कि भारतीय बिजनेस परिदृश्‍य में एक बड़ी हस्‍ती थे. विनीत एक आईएएस अधिकारी भी रहे. इसके बाद उन्‍होंने वर्ल्‍ड बैंक में भी काम किया और GAIL के पहले अध्‍यक्ष पद पर भी रहे. 

इन दिग्‍गज कंपनियों में संभाला बड़ा पद
GAIL के बाद विनीत एचसीएल कॉरपोरेशन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर और HCL टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के उपाध्यक्ष बनकर प्राइवेट सेक्‍टर में बेहद सफल बदलाव किया. इसके बाद वे अपने दो करीबी सहयोगियों के साथ महिंद्रा ब्रिटिश टेलीकॉम से जुड़े. आनंद महिंद्रा ने बताया कि इन तीनों दिग्‍गजों को थ्री मस्किटियर्स नाम दिया गया. 

विनीत नैय्यर ने खरीदी थी ये दिग्‍गज कंपनी 
आनंद महिंद्रा ने अपने पोस्‍ट में बताया कि विनीत एक स्टार्टअप मानसिकता के साथ आए थे, महिंद्रा ब्रिटिश टेलीकॉम, जिसे उन्होंने टेक महिंद्रा नाम दिया था. इस कंपनी को भारतीय आईटी इंडस्‍ट्री के शीर्ष रैंक में ले जाने के लिए नैय्यर ने दृढ़ संकल्प किया था और उन्होंने यही किया. विनीत नैय्यर के एक सबसे खास सफलता में सत्‍यम कंप्‍युटर का अधिग्रहण शामिल है. 

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आनंद महिंद्रा हुए भावुक 
उनके योगदान को याद करते हुए आनंद महिंद्रा ने आगे लिखा कि आपकी बुद्धिमत्ता, आपके नेतृत्व और अपने करियर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा महिंद्रा समूह को समर्पित करने के लिए धन्यवाद. सबसे बढ़कर आपकी दोस्‍ती के लिए धन्‍यवाद... आप सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेंगे. 

2009 में बने थे महिंद्रा सत्‍यम के चेयरमैन 
गौरतलब है कि नैय्यर का जन्म 1939 में हुआ था और उन्होंने विलियम्स कॉलेज, मैसाचुसेट्स से इकोनॉमिक में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी. उनका करियर भारतीय प्रशासनिक सेवाओं से शुरू हुआ, विश्व बैंक में जाने से पहले उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट, हरियाणा कृषि सचिव और केंद्र सरकार में आर्थिक मामलों के विभाग के निदेशक समेत कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया, जहां उन्होंने 10 वर्षों से अधिक समय तक काम किया. विनीत नैय्यर 2009 में महिंद्रा सत्यम के चेयरमैन बने.

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