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New Wage Code: प्राइवेट कंपनियों में काम करने वालों को सरकार देगी सौगात? हफ्ते में 4 दिन ड्यूटी-3 दिन छुट्टी

New Wage Code: अगर चारों बदलावों के साथ नया लेबर कोड लागू हो जाता है, तो इसके बाद नए वेज कोड के तहत प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों को कई तरह के फायदे मिलेंगे. सबसे पहले उनकी सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव होगा. ज्यादातर राज्यों ने चार लेबर कोड पर अपने ड्रॉफ्ट नियम भेज दिए हैं. बाकी के राज्य इसे तैयार करने की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं.

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नए वेज कोड के लागू होने के बाद होंगे कई बदलाव
नए वेज कोड के लागू होने के बाद होंगे कई बदलाव
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कुछ राज्य अभी तैयार कर रहे हैं ड्राफ्ट
  • सैलरी स्ट्रक्चर से छुट्टी तक में होगा बदलाव

देश में जल्द ही नया लेबर कोड लागू (New Labour Code) हो सकता है. सरकार नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़े बदलाव करने की तैयारी में है. हालांकि, सरकार ने कहा है कि फिलहाल इसे लागू करने के लिए कोई समय नहीं तय किय गया है. केंद्र सरकार चाहती है कि सभी राज्य नए लेबर कोड (Labour Code) को साथ लागू करें. लेकिन अभी तक सभी राज्यों की सरकारों ने अपनी तरफ से ड्राफ्ट नहीं फाइनल किया है. आने वाले महीनों में अगर नया लेबर कोड लागू हो सकता है, तो प्राइवेट सेक्टर (Private Sectors) में नौकरी करने वाले लोगों को कई फायदे मिलेंगे.

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चार नए लेबर कोड

राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने संसद में पिछले दिनों बताया था कि ज्यादातर राज्यों ने चार लेबर कोड पर अपने ड्रॉफ्ट नियम भेज दिए हैं. बाकी के राज्य इसे तैयार करने की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं. नए लेबर कोड वेज (Wage), सोशल सिक्योरिटी (Social Security), इंडस्ट्रियल रिलेशंस (Industrial Relations) और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी (Occupational Safety) से जुड़े हैं.

सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव

अगर चारों बदलावों के साथ नया लेबर कोड लागू हो जाता है, तो इसके बाद नए वेज कोड के तहत प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों को कई तरह के फायदे मिलेंगे. सबसे पहले उनकी सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव होगा. नए वेज कोड के लागू होने के बाद इन हैंड सैलरी में पहले के मुकाबले कम आएगी.

सरकार ने नए नियम में प्रावधान किया है कि किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी उसकी टोटल सैलरी (CTC) का 50 फीसदी या उससे अधिक होनी चाहिए. अगर आपकी बेसिक सैलरी अधिक होगी, तो फीएफ फंड में आपका योगदान पहले मुकाबले अधिक हो जाएगा.

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सरकार के इस प्रावधान से रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को फायदा होगा, जब उन्हें मोटी रकम मिलेगी. साथ ही ग्रेज्युटी का पैसा भी अधिक मिलेगा. मतलब ये कि आपका भविष्य आर्थिक रूप से मजबूत रहेगा.
 
सप्ताहिक छुट्टी

नए लेबर कोड के तहत सप्ताह में चार दिन काम और तीन दिन छु्ट्टी का प्रावधान है. मतलब ये कि आपको सप्ताह में चार दिन दफ्तर जाना होगा और सप्ताहिक छुट्टी तीन दिन मिलेगी. हालांकि, दफ्तर में आपके काम करने के घंटे बढ़ जाएंगे. इस नियम के लागू होने के बाद अगर आप तीन दिन सप्ताहिक अवकाश का विकल्प चुनते हैं, तो आपको ऑफिस में 12 घंटे काम करने होंगे. यानी की आपको सप्ताह में 48 घंटे काम करने होंगे. इसके बाद आपको तीन दिन का वीकली ऑफ मिलेगा.

लंबी छुट्टी के नियम में बदलाव

इसके अलावा लंबी छुट्टियों को लेकर भी बड़ा बदलाव होगा. पहले किसी भी संस्थान में लंबी अवधि की छुट्टी लेने के लिए साल में कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी होता था. लेकिन नए लेबर कोड के लागू होने के बाद कोई भी कर्मचारी 180 दिन (6 महीना) काम करने के बाद लंबी छुट्टी ले सकता है.

फुल एंड फाइनल

फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के बारे में कहा गया है कि कंपनी से नौकरी छोड़ने, बर्खास्तगी, छंटनी और इस्तीफा देने के दो दिन के अंदर  कर्मचारियों को उनकी सैलरी का भुगतान किया जाएगा. अभी वेजेज के पेमेंट और सेटलमेंट पर ज्यादातर नियम लागू हैं. हालांकि, इनमें इस्तीफा शामिल नहीं है. 

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