केंद्र सरकार ने 8th Pay Commission के गठन की मंजूरी दे दी है. नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन करने की मंजूरी दे दी गई है. 8वें वेतन आयोग के गठन से 48.67 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा. अभी तक देश में सातवां वेतन आयोग लागू है, जिसका कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक है.
कैसे आगे बढ़ेगा पूरा प्रोसेस?
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस आयोग को अगले साल यानी 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी. आगे की प्रक्रिया की बात करें, तो 8वें वेतन आयोग ( 8th Pay Commission) को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकारों, PSU से कंसल्ट किया जाएगा. इसके साथ ही 8th Pay Commission के अध्यक्ष और दो सदस्यों का चयन किया जाएगा, जिनके नाम का जल्द ऐलान हो सकता है. फिर सभी प्रोसेस पूरा करने के बाद सरकार को आयोग रिपोर्ट सौंपेगी. फिर इसपर विचार के बाद इसे लागू किया जा सकता है.
हर 10 साल में नया वेतन आयोग
केंद्र सरकार कर्मचारियों की सैलरी को रिवाइज्ड करने के लिए नया वेतन आयोग अक्सर 10 वर्ष के अंतराल पर ही लागू करती है. 7th Pay Commission को साल 2016 में लागू किया गया था. वहीं 6वें वेतन आयोग को साल 2006 में लागू किया गया था. इसी तरह, हर 10 साल के अंतर पर 4th और 5th वेतन आयोग को भी 10-10 साल के अंतर पर लागू किया गया था. वहीं 8वें वेतन आयोग को भी सरकार ने 2026 तक अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है. ऐसे में उम्मीद है कि इसे भी साल 2026 तक लागू कर दिया जाएगा.
बढ़ेगी बेसिक सैलरी?
अगर फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाया जाता है तो यह 2.57 से बढ़ाकर 2.86 किया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल हो सकता है.
उदाहरण- अगर फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.86 कर दिया जाए, तो मौजूदा मिनिमम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकता है. वहीं पेंशनर्स के लिए पेंशन 9000 रुपये मंथली से बढ़कर मिनिमम बेसिक पेंशन 25740 रुपये मंथली हो सकती है. बता दें सरकारी कर्मचारियों और पेंशर्स के संशोधित मूल वेतन और पेंशन को निर्धारित करने में फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका होती है.
7वें वेतन आयोग के लागू होते ही बढ़ी थी सैलरी
7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद फिटमेंट फैक्टर में भी इजाफा हुआ था, जो 2.57 गुना हो गया था. इससे कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़कर 18000 रुपये हो गई थी. इसके विपरीत 6वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था. वहीं पेंशनर्स की न्यूनतम बेसिक पेंशन बढ़कर 9000 रुपये हो गई थी. अब 8वें वेतन लागू होने के बाद इसमें तगड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है.