मौजूदा वित्त वर्ष के खत्म होने में अब कुछ ही वक्त बचा है. इसलिए लोग अभी से अपनी फाइनेंसियल प्लानिंग करने में जुट गए होंगे. खासतौर पर टैक्सपेयर्स (Taxpayers) टैक्स सेविंग (Tax Saving) के लिए एकदम आखिरी समय में निवेश करते हैं. अगर आपने अभी तक टैक्स सेविंग को लेकर प्लानिंग नहीं की है, तो बिना समय गंवाएं ये काम पूरा कर लीजिए. आप थोड़ी सी प्लानिंग और जानकारी के साथ महत्वपूर्ण बचत कर सकते हैं. टैक्स सेविंग से लिए आप किस तरह के प्लानिंग कर सकते हैं. आइए समझ लेते हैं.
टैक्स सेविंग के मौसम में पैसे बचाने के साथ-साथ आप अपने फाइनेंसियल पोर्टफोलियो को और बेहतर बना सकते हैं. आप टैक्स सेविंग स्कीम में 31 मार्च तक निवेश कर आईटीआर के दौरान डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं. बिजनेस टुडे में छपी खबर में बजाज कैपिटल के सीईओ (वेल्थ) कामायनी अनिरुद्ध नागर ने कुछ लोक्रप्रिय स्कीमों के बारे में बताया है.
पब्लिक प्रोविंडेंट फंड (PPF)
पब्लिक प्रोविंडेंट फंड (PPF) एक लॉन्ग टर्म निवेश विकल्प है. PPF पर फिलहाल 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस स्कीम में आप निवेश कर सकते हैं. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत आप पीपीएफ में सालाना 1.5 लाख रुपये के निवेश पर टैक्स छूट पा सकते हैं. PPF में निवेश पर सरकार गारंटी देती है, यानी पैसा नहीं डूबेगा.
इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS)
ELSS एक प्रकार का म्यूचुअल फंड है जो मुख्य रूप से कंपनियों के इक्विटी शेयरों में निवेश करता है. इन योजनाओं का लॉक-इन पीरियड 3 वर्ष है और आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स डिडक्शन का विकल्प उपलब्ध है. ELSS में एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं.
जीवन बीमा पॉलिसी
आप जीवन बीमा की पॉलिसी खरीदकर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स सेविंग के लिए क्लेम कर सकते हैं. जीवन बीमा की पॉलिसी में एक वित्त वर्ष में निवेश की मैक्सिमम लिमिट 1.5 लाख रुपये है.
नेशनल पेंशन सिस्टम
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में भी निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C तहत टैक्स छूट मिलता है. इसमें सालाना 1.5 लाख और धारा 80CCD (1B) के तहत अतिरिक्त 50 हजार रुपये का भी निवेश कर सकते हैं. NPS में निवेश कर आप आयकर (Income Tax) में कुल 2 लाख रुपये की कुल छूट का फायदा ले सकते हैं.
हेल्थ इंश्योरेंस
कोविड-19 महामारी के बाद हेल्थ इंश्योरेंस हमारे पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बन गया है. हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा ये है कि आपको प्रीमियम पर इनकम टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है. आप अपने परिवार सहित अपने लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदकर टैक्स सेविंग कर सकते हैं.
आयकर अधिनियम की धारा 80डी के तहत अपने जीवनसाथी और बच्चों सहित स्वयं के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के भुगतान के लिए 25,000 रुपये तक की कटौती का क्लेम कर सकते हैं. वहीं, अगर आप अपने माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा खरीदते हैं, तो 50,000 रुपये की अतिरिक्त राशि बचा सकते हैं.
होम लोन
अगर होम लोन लिया है तो फिर कैसे आयकर छूट का लाभ मिलेगा? अगर होम लोन चल रहा है तो फिर आयकर की धारा 80c के तहत 1.5 लाख रुपये तक के मूल भुगतान के लिए कटौती का क्लेम कर सकते हैं. इसके अलावा होम लोन पर चुकाये गए ब्याज पर सेक्शन 24B के तहत दो लाख रुपये तक अतिरिक्त टैक्स छूट भी मिलती है. इसका मतलब है कि कुल 3.5 लाख रुपये तक टैक्स बेनिफिट्स ले सकते हैं.