अक्सर टैक्स बचाने के लिए लोग परेशान रहते हैं कि कब और कैसे टैक्स की बचत की जाए. कुछ लोग सरकारी योजनाओं (Government Scheme) में निवेश कर टैक्स की बचत करते हैं तो वहीं कई HRA जैसे अन्य विकल्प का यूज करते हैं. जेरोधा के को-फाउंडर और CEO नितिन कामथ ने टैक्स भुगतान को कम करने (Tax Saving) के लिए एक शानदार तरीका बताया है.
जेरोधा के फाउंडर नितिन कामथ (Nithin Kamath) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लाभों के बारे में बताया है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि HUF अपनी टैक्स सेविंग को लेकर विवाहित हिंदुओ के लिए पर्याप्त लाभ देता है.
HUF पर टैक्स का फायदा
कामथ ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर आप शादीशुदा हैं और हिंदू हैं, तो आप योजना बनाने और अपने Tax को बचाने के लिए HUF का उपयोग कर सकते हैं. HUF को एक अलग इकाई के रूप में माना जाता है, इसलिए अन्य टैक्स सेविंग ऑप्शन के बाद भी HUF टैक्स बचत अलग से लागू होगा.
नितिन कामथ ने कहा कि अगर आप HUF को किराये से मिली राशि ट्रांसफर, HUF के नाम डीमैट अकाउंट ओपन करने, HUF बैंक अकाउंट में मनी ट्रांसफर और गिफ्ट स्वीकार करने जैसी चीजों पर टैक्स की बचत कर सकते हैं.
कामथ के इस पोस्ट को लेकर यूजर्स के पॉजिटिव रिएक्शन आए हैं. पूर्व आईएएस अधिकारी केबीएस सिद्धू ने कमेंट में कहा कि मैंने हमेशा सुझाव दिया है कि जो भी हिंदू शादी करता है उसे उसी दिन एचयूएफ बनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह गलत धारणा है कि HUF बनने के लिए बेटे का होना आवश्यक है या सिख धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म का पालन करने वाले लोग ही एचयूएफ के लिए योग्य हैं.
HUF कैसे काम करता है?
एचयूएफ को आयकर अधिनियम, 1961 के तहत एक अलग इकाई के रूप में मान्यता मिलती है. यह अपना स्वयं का स्थायी खाता संख्या (PAN) रखता है और स्वतंत्र रूप से टैक्स रिटर्न दाखिल करता है. HUF में एक पति-पत्नी और बच्चे शामिल होते हैं. परिवार के मुखिया को कर्ता के नाम से जाना जाता है. परिवार के अन्य लोग सहदायिक या सदस्य होते हैं.
एचयूएफ का गठन केवल दो सदस्यों के साथ किया जा सकता है, जिनमें से एक सहदायिक या सदस्य होना चाहिए. टैक्स बचत के लिए एचयूएफ के पास कम से कम दो सहदायिक होने चाहिए. जबकि एक पति और पत्नी एक एचयूएफ बना सकते हैं, पत्नी को एक सदस्य माना जाता है, सहदायिक नहीं. विवाहित बेटियां अपने पिता के HUF में सहदायिक स्थिति बरकरार रखते हुए अपने पति के एचयूएफ की सदस्य हो सकती हैं. जैन और सिख परिवार भी HUF बनाने के पात्र हैं.