यूरोप और अमेरिका में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. बेल्जियम की हालत तो इतनी खराब हो गई है कि यहां कोरोना संक्रमित डॉक्टरों को भी ड्यूटी पर आने के लिए कहा गया है. आईसीयू में काम कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि यही एक ऑप्शन है जिसके जरिए हेल्थ सिस्टम को ढहने से रोका जा सकता है.
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, बेल्जियम के लीज नाम के शहर में कोरोना के मामले काफी अधिक बढ़ गए हैं जिसकी वजह से शहर के कम से कम 10 हॉस्पिटल ने बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित डॉक्टरों को काम करने को कहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा समझा जाता है कि बेल्जियम के लीज शहर के एक चौथाई डॉक्टर और नर्स कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. CHC Montlégia Hospital के आईसीयू में इलाज करने वाले डॉक्टर फिलिपे डेवोस ने कहा कि स्थिति विकराल हो गई है.
डॉक्टर फिलिपे डेवोस ने कहा कि लीज, दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित इलाका बन गया है. उन्होंने कहा कि बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मेडिकल स्टाफ से भी संक्रमण का खतरा है, लेकिन हॉस्पिटल सिस्टम को बचाने के लिए यही एक रास्ता है.
एक करोड़ 16 लाख की आबादी वाले बेल्जियम में अब तक कोरोना वायरस के 3 लाख 33 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. कल यहां 15 हजार नए केस आए थे और 73 लोगों की मौत हो गई थी. पिछले हफ्ते ही देश के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि बेल्जियम में कोरोना की सुनामी आ सकती है.
बेल्जियम के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि हम सुनामी (कोरोना की) के बिल्कुल पास हैं. जो हो रहा है, अब हम उसे कंट्रोल नहीं कर पा रहे. प्रधानमंत्री एलेक्जैंडर डे क्रू ने कहा कि देश में इस वक्त हालात मार्च से कहीं अधिक गंभीर हैं. मार्च में बेल्जियम ने भी लॉकडाउन लागू किया था.