एक स्टडी में पता चला है कि कोरोना वायरस की इम्यूनिटी कम से कम आठ महीने रहती है. साथ ही स्टडी से यह भी मालूम हुआ है कि कोरोना वायरस सर्वाइवर्स कई साल तक दोबारा बीमार होने से बच सकते हैं. कैलिफोर्निया के ला जोल्ला इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स ने हाल ही में कोरोना को लेकर एक स्टडी पूरी की है.
डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, रिसर्चर्स का कहना है कि संक्रमण के कुछ महीने बाद व्यक्ति के शरीर में इम्यून सेल्स घटने लगते हैं, लेकिन बाद में भी ऐसे सेल्स की मात्रा इतनी रहती है जिससे व्यक्ति दोबारा बीमार होने से बच सके. रिसर्चर्स का कहना है कि संभव है कि कई साल तक लोग दोबारा कोरोना से बीमार ना हों.
इससे पहले कुछ स्टडीज में ये सामने आया था कि करीब तीन महीने बाद ही कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज शरीर में काफी अधिक घट जाती हैं. लेकिन नई स्टडी न सिर्फ सर्वाइवर्स की उम्मीद बढ़ाने वाली है, बल्कि इससे वैक्सीन के लंबे वक्त तक प्रभावी होने की उम्मीद भी बनी रहेगी.
इससे पहले कुछ स्टडीज में ये सामने आया था कि करीब तीन महीने बाद ही कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज शरीर में काफी अधिक घट जाती हैं. लेकिन नई स्टडी न सिर्फ सर्वाइवर्स की उम्मीद बढ़ाने वाली है, बल्कि इससे वैक्सीन के लंबे वक्त तक प्रभावी होने की उम्मीद भी बनी रहेगी.