चीन कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए पूरी मेहनत कर रहा है और किसी भी कीमत पर अन्य देशों से पहले सफल वैक्सीन तैयार करना चाहता है. लेकिन चीन ने वैक्सीन को लेकर एक चौंकाने वाली बात कही है. चीन के प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि चीन अपनी आबादी को वैक्सीन देने के लिए बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन प्रोग्राम नहीं चलाएगा.
चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) के डायरेक्टर डॉ गाओ फू ने कहा है कि चीन में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस वैक्सीनेशन की जरूरत तभी पड़ेगी जब यहां फिर से बड़े पैमाने पर कोरोना फैले. दुनिया में फिलहाल 9 कोरोना वैक्सीन फेज-3 ट्रायल में पहुंच चुकी हैं. इनमें से 4 चीन की ही हैं. हालांकि, चीन कुल 8 वैक्सीन के ऊपर काम कर रहा है. कई रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है कि इसकी संभावना काफी है कि सबसे पहले चीन ही सफल वैक्सीन तैयार कर ले.
बता दें कि दुनिया जब कोरोना वायरस से बुरी तरह जूझ रही है, चीन में कोरोना के मामले न के बराबर हैं. भारत में कोरोना के कुल मामले 49 लाख से अधिक हो चुके हैं, लेकिन चीन में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 90,107 ही है.
चीन में एक्टिव केस की संख्या भी काफी कम है. कोरोना के कम केस होने की वजह से ही चीन को अपनी वैक्सीन का ट्रायल विदेशों में करना पड़ रहा है और अब चीन के स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि चीन में लोगों को बड़े पैमाने पर वैक्सीन नहीं दी जाएगी.
चीन के CDC प्रमुख का कहना है कि अगर वायरस काबू में रहता है तो बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन की जरूरत नहीं होगी. चाइना न्यूज सर्विस के मुताबिक, सीडीसी प्रमुख ने कहा कि यह रिस्क और लाभ के बीच बैलेंस करने का मुद्दा है. हालांकि, पिछले महीने गाओ फू ने कहा था कि उन्होंने खुद भी एक कोरोना वैक्सीन लगवाई है.