भारत सहित दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित और मरने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. संक्रमण रोकने के लिए काफी देशों ने अपने शहरों में कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. लेकिन ब्रिटेन में आज भी चीन-ईरान-ईटली से लोग आ रहे हैं. ये तीनों ऐसे देश हैं जो कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं.
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, आज भी चीन-ईरान-ईटली से फ्लाइट्स इंग्लैंड में लैंड कर रही हैं. बीते पूरे हफ्ते भी हजारों लोग आते रहे हैं. जबकि इन तीनों देशों में कोरोना वायरस से सबसे अधिक लोग मारे गए हैं. यहां से आने वाले लोगों की वजह से संक्रमण फैलने का खतरा सबसे अधिक है.
रिपोर्ट के मुताबिक, रोम, बीजिंग और शंघाई से फ्लाइट्स पूरे हफ्ते ब्रिटेन में आए हैं. ब्रिटेन के मुकाबले यूरोपियन यूनियन ने अधिक कड़े कदम उठाए हैं और किसी भी देश से आने वाले पैसेंजर फ्लाइट्स पर रोक लगा दी है. ब्रिटेन पहले यूरोपिन यूनियन का ही हिस्सा था.
ब्रिटिश एयरवेज, ईजी जेट और रयान एयर ने इटली और ब्रिटेन की फ्लाइट्स रद्द जरूर की हैं, लेकिन यूके के फ्लाइट्स रूट को बंद नहीं किया गया. यानी अन्य एयरलाइन्स के विमान यूके में लैंड कर रहे हैं. ईरान एयर इंग्लैंड के लिए हफ्ते में 3 फ्लाइट्स ऑपरेट कर रही है.
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के संक्रमण रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना भी की जा रही है. हालांकि, सरकार ने बार, कैफे, रेस्त्रां और बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है.
वहीं, ऐसा समझा जा रहा है कि अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लक्षण दिख रहे हैं तो उन्हें चीन, ईरान और इटली से इंग्लैंड की फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया जाएगा.
कोरोना के लक्षण दिखने पर लोगों को फ्लाइट में सवार होने से रोकने के बावजूद खतरा इस बात को लेकर है कि कई लोगों में शुरुआती दिनों में वायरस के
लक्षण दिखाई नहीं देते. वहीं, इन देशों से आने वाले लोगों को ब्रिटेन में
14 दिनों तक सेल्फ आइसोलेशन में रहने को कहा गया है. हालांकि, इस पर
निगरानी रखने की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है.