फ्रांस और इटली में कोरोना वायरस के मामले में भारी बढ़ोतरी हुई है. वहीं यूरोप के कई देश तो ऐसे हैं जहां कोरोना के मामलों में 70 फीसदी का उछाल आया है. करीब साढ़े 6 करोड़ की आबादी वाले फ्रांस में मामले जहां घटने शुरू हो गए थे, 20 अगस्त को 4700 कोरोना के केस दर्ज किए गए.
इटली में मई के बाद एक दिन में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं. वहीं, ग्रीस, हंगरी, ऑस्ट्रिया, माल्टा, क्रोशिया सहित यूरोप के कई देशों में भी मामले बढ़ रहे हैं. इनमें से कई बेहद छोटे देश हैं और ऐसा समझा जा रहा था कि ये देश कोरोना से धीरे-धीरे उबर रहे हैं.
हाल ही में WHO ने कहा था कि जवान लोग अब कोरोना वायरस का संक्रमण फैला रहे हैं क्योंकि वे धड़ल्ले से बाहर निकल रहे हैं और मास्क वगैरह का इस्तेमाल कई बार नहीं करते हैं. वहीं, यूरोप के कई देशों में छुट्टियां मनाने निकले परिवारों को संक्रमण के नए मामलों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.
इटली में गुरुवार को 845 केस सामने आए. एक दिन के केस की बात करें तो ये पिछले तीन महीने में सबसे अधिक हैं. इटली कोरोना का कहर झेलने वाले शुरुआती देशों में एक था. 6 करोड़ की आबादी वाले देश में 35 हजार 400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.
दुनिया भर के कई एक्सपर्ट हर्ड इम्यूनिटी पर सवाल उठा चुके हैं. WHO का भी कहना है कि वैश्विक स्तर पर देखें तो दुनिया कहीं से भी हर्ड इम्यूनिटी के पास पहुंचती नहीं दिख रही है. वहीं कुछ स्टडी में यह सामने आया है कि कोरोना से ठीक होने वाले लोगों में एंटीबॉडीज की मात्रा कुछ ही महीने में घटने लगती है. इन वजहों से तमाम देश लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं.