ऐसे
में हाथों पर हाथ धरकर बैठे रहने से बेहतर नाव चलाने वाले नाविक अपना
ज्यादातर वक्त गंगा में प्रवाहित की जा चुकी अस्थियों को खोजने में लगा रहे
हैं, जिनके साथ कभी कभार उनको चंद सिक्के या छोटे-मोटे आभूषणों के टुकड़े
मिल जाया करते हैं, क्योंकि ये पैसे और आभूषण के टुकड़े अस्थियों के साथ
गंगा में प्रवाहित किए जाते हैं.