भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन भले ही लग रही है लेकिन वैक्सीन का डोज लेने के बाद भी विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस से अलर्ट रहने पर जोर दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक कोरोना की दो खुराक न ली जाए तब तक अधिक सावधान रहने की जरूरत है. (Photos: File)
दरअसल, कोरोना टीके के दोनों खुराक के बीच में समय लगता है. दोनों खुराक लेने के बाद भी इम्युनिटी को किक करने में कुछ समय लग सकता है. इसलिए यदि सावधानी नहीं बरती गई तो टीके की एक खुराक के बाद भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है.
इस पर सटीक जानकारी के लिए कुछ विशेषज्ञों से भी संपर्क किया गया. उन शहरों में जहां टीके का एक चरण पूरा हो चुका है और जल्द ही अगले चरण के लिए कार्यक्रम शुरू होने वाला है, वहां भी विशेषज्ञों द्वारा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
फोर्टिस अस्पताल मुंबई के क्रिटिकल केयर निदेशक डॉक्टर राहुल ने कोरोना के खिलाफ बनाए गए प्रोटोकॉल को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि एंटीबॉडी पहली खुराक के 15-20 दिनों के भीतर विकसित होती हैं जो सुरक्षा देने के लिए अपर्याप्त है. दूसरी खुराक के 15 दिनों के बाद ही एंटीबॉडी प्रभावी रूप से विकसित होते हैं.
उन्होंने कहा कि शख्स पहली खुराक लेने के तुरंत बाद भी संक्रमित हो सकता है. टीकाकरण के दौरान भी एक सक्रिय संक्रमण हो सकता है. दूसरी खुराक के 15 दिन बाद ही एंटीबॉडी को सुरक्षा मिलेगी, इसलिए सभी बिंदुओं पर कोरोना वायरस का उचित प्रोटोकॉल बनाए रखना होगा.
हाल ही में महाराष्ट्र में एक दर्जन से अधिक ऐसे कोरोना पॉजिटिव सामने आए, जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारियों को पहले से ही वैक्सीन की खुराक दी गई थी. हिंदुजा अस्पताल और एमआरसी के कंसल्टेंट डॉक्टर पिंटो का कहना है कि वैक्सीन की खुराक देने के बाद भी आए पॉजिटिव मामले आश्चर्यजनक या अप्रत्याशित नहीं हैं.
डॉक्टर पिंटो ने कहा कि वैक्सीन द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा विकसित होने में कम से कम 2 सप्ताह लगेंगे. इससे पहले की अवधि में व्यक्ति को संक्रमित होने का जोखिम बना रहता है.