फ्लाइट में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर दो स्टडी में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं. शुक्रवार को प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, लंदन से हनोई (वियतनाम) जाने वाली फ्लाइट में एक संक्रमित महिला की वजह से 15 लोग संक्रमित हो गए थे.
सीएनएन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, घटना एक अप्रैल की है. गले में तकलीफ और कफ से जूझ रही एक महिला ने लंदन से फ्लाइट ली. वह वियतनाम में अपने घर जा रही थी. 10 घंटे बाद जब वह फ्लाइट से लैंड की तब तक 15 अन्य लोग संक्रमित हो चुके थे. हनोई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन के रिसर्चर्स ने इस पर स्टडी की.
वहीं, एक दूसरी घटना बोस्टन से हॉन्ग कॉन्ग की फ्लाइट की है. कोरोना से संक्रमित कपल फ्लाइट में सवार था. इस दौरान दो फ्लाइट अटेंडेंट संक्रमित हो गईं. दोनों ही घटना महामारी के शुरुआती दिनों की है जब एयरलाइन में मास्क अनिवार्य नहीं किया गया था. लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसीन के डेब्रोराह वाटसन जोन्स ने अमेरिका के सीडीसी के जर्नल में इससे जुड़ी स्टडी प्रकाशित की है. रिसर्चर्स ने वायरस की जेनेटिक सिक्वेंसिंग की और पाया कि चारों केस में वायरस के जीनोम्स एक जैसे हैं.
हनोई की महिला बिजनेस क्लास में सफर कर रही थीं. जांच में सामने आया कि बिजनेस क्लास के 12 यात्री, इकोनॉमी क्लास के 2 यात्री और एक क्रू मेंबर महिला की वजह से संक्रमित हो गए.
रिसर्चर्स का कहना है कि लंबी दूरी की फ्लाइट में कोरोना वायरस फैलने का खतरा वास्तविक है और एक साथ काफी संख्या में लोग संक्रमित हो सकते हैं. रिसर्चर्स ने यह भी कहा कि सिर्फ दूर बैठने से भी फ्लाइट में कोरोना का खतरा कम नहीं होता. स्टडी में कहा गया है कि कोरोना पर काबू करने के लिए फ्लाइट में सफर करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की व्यवस्था की जाए.