ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वायरस वैक्सीन को तमाम अन्य वैक्सीन कैंडिडेट के बीच एक मजबूत दावेदार समझा जाता रहा है. कई एक्सपर्ट ने यह भी कहा था कि ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन 2020 के अंत तक सफल साबित हो सकती है. लेकिन अब वैक्सीन प्रोग्राम से जुड़ी प्रमुख अधिकारी ने कहा है कि 2020 में ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन आने की संभावना बेहद कम है.
ब्रिटेन की सरकार के वैक्सीन टास्कफोर्स की प्रमुख केट बिंघम ने कहा है कि क्रिसमस से पहले वैक्सीन आने की उम्मीद बेहद कम है. ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का ट्रायल ब्रिटेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील सहित अन्य देशों में भी हो रहा है. सुरक्षा कारणों से कई देशों में ट्रायल रोकना भी पड़ा था. बाद में अन्य सभी देशों में ट्रायल दोबारा शुरू कर दिया गया, लेकिन अमेरिका में अभी ट्रायल दोबारा शुरू नहीं हो सका है.
केट बिंघम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि साल के अंत तक ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन ट्रायल से सफलता के संकेत मिलने लगेंगे, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है. बता दें कि ट्रायल के शुरुआती डेटा से पता चला था कि वैक्सीन सुरक्षित है और इससे पर्याप्त इम्यून रेस्पॉन्स पैदा होता है.
इससे पहले ब्रिटेन की सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वलैंस ने सलाह दी थी कि इंग्लैंड में साल के अंत तक सबसे अधिक खतरे का सामना कर रहे लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जानी चाहिए.