अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने पुराने आंकड़ों के आधार पर कहा है कि ट्रायल के शुरुआती दो फेज में सफल रहने वाली वैक्सीन आखिरी राउंड के ट्रायल में फेल भी हो सकती है. अमेरिका में वैक्सीन जांच के लिए जिम्मेदार संस्था फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के पूर्व एसोसिएट कमिश्नर और सेंटर फॉर साइंस इन द पब्लिक इंटरेस्ट के प्रेसिडेंट पीटर जी लूरी ने कहा है कि कोई नहीं चाहता कि वैक्सीन ट्रायल फेल हो, लेकिन शायद ऐसा हो सकता है.
वॉशिंगटन पोस्ट में लिखे लेख में पीटर जी लूरी ने कहा है कि वैक्सीन का फेज-3 अनावश्यक नहीं है, बल्कि जरूरी है. बता दें कि रूस और चीन सहित कई देश वैक्सीन ट्रायल का तीसरा चरण पूरा होने से पहले ही बड़े पैमाने पर लोगों को वैक्सीन लगा रहे हैं और वैक्सीन की बिक्री के लिए विभिन्न देशों से डील भी की जा रही है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञ पीटर जी लूरी का कहना है कि फिलहाल 9 कोरोना वैक्सीन फेज-3 ट्रायल में है और कई दर्जन वैक्सीन की ह्यूमन टेस्टिंग हो रही है. लेकिन इनके सफल होने की कितनी संभावना है? इसका जवाब है- उतना नहीं जितना कि लोग सोच रहे हैं.
पीटर जी लूरी ने कहा कि FDA में काम करने के दौरान उन्होंने 22 केस स्टडी के साथ एक रिपोर्ट जारी की थी. दवाओं और वैक्सीन की 22 केस स्टडी में पता चला कि तीसरे चरण के ट्रायल के दौरान 22 में से 14 प्रॉडक्ट फेज-2 में मिले संकेत की पुष्टि करने में नाकाम रहे. सात प्रॉडक्ट के सुरक्षित और प्रभावी होने की पुष्टि नहीं हो सकी. तीसरे चरण के दौरान पता चला कि दो प्रॉडक्ट उस बीमारी को बढ़ा रहे हैं जिसे कम करने के लिए उनका इस्तेमाल किया जाना था.
रिपोर्ट में शामिल 22 प्रॉडक्ट में से 5 वैक्सीन थीं. इनमें से चार वैक्सीन फेज-3 ट्रायल के दौरान अपनी क्षमता साबित करने में फेल हो गई. जबकि पांचवी वैक्सीन भी यह साबित करने में नाकाम रही कि वह सुरक्षित है. पीटर जी लूरी ने कहा कि जनता के बीच फिलहाल ऐसी चर्चा हो रही है जिसमें यह मान लिया गया है कि फेज-3 में पहुंची सभी वैक्सीन काम करेगी, लेकिन अगर पुराने आंकड़ों को देखें तो इसकी आशंका है कि कई या फिर सभी वैक्सीन प्रभावी और सुरक्षित साबित होने में नाकाम हो जाए.