राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों के उपचार के लिए बड़े-बड़े वायदे करते नजर आ रहे हैं लेकिन राजस्थान के धौलपुर जिले की हकीकत कुछ और ही है. जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के 270 पदों में से 115 पद खाली चल रहे हैं. अब आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड, बिस्तर और लाखों रुपये कीमत के उपकरणों की भरमार है लेकिन यहां पर मरीजों का इलाज करने के लिए चिकित्सकों की संख्या बहुत ही कम है. जिला अस्पताल सहित जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के करीब 33 प्रतिशत पद खाली पड़े हुए हैं. हालात यह हैं कि सरकारी अस्पतालों में सिर्फ प्राथमिक उपचार ही किया जा रहा है.
मरीज की हालत गंभीर होने पर ग्रामीण इलाकों से उसे जिला मुख्यालय और जिला मुख्यालय से जयपुर, आगरा और ग्वालियर रेफर किया जाता है. वहीं अधिकांश डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस करने से फुरसत नहीं है. बड़ी बात है कि इन स्थितियों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज देने का दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि जिले के स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ वेंटिलेटर को ऑपरेट करने वाले चिकित्सक व प्रशिक्षित स्टाफ का ही टोटा नहीं है बल्कि जिले के सभी अस्पतालों में डॉक्टरों का ही रोना है.
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सिर्फ मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर सिर्फ खानापूर्ति करके जिले को नंबर वन बनाने में जुटे हुए हैं. वहीं, जिले के बाड़ी अस्पताल में 11 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं लेकिन उनको ऑपरेट करने वाले डॉक्टरों को जयपुर में लगा रखा हैं. अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवदयाल मंगल ने वेंटिलेटर ऑपरेट करने वाले डॉक्टरों की डिमांड की हैं लेकिन ऑपरेट करने वाला डॉक्टर नहीं होने से अस्पताल में वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं.
बाड़ी उप जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवदयाल मंगल ने बताया कि वेंटिलेटर हमारे पास उपलब्ध हैं लेकिन ऑपरेट करने वाले डॉक्टरों को जयपुर में लगा रखा है. हमने डॉक्टरों की डिमांड कर रखी हैं.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोपाल गोयल ने बताया कि जिले की सीएचसी और पीएचसी पर 33 प्रतिशत डॉक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं. कोरोना को लेकर 205 बेड ऑक्सीजन सपोर्टेड हैं और प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर ऑक्सीजन की व्यवस्था कर रखी है.
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल डॉ. मंगल सिंह में डॉक्टरों के 90 पद हैं. 55 पदों पर डॉक्टर कार्यरत हैं और 35 पद खाली हैं. पदों को भरने के लिए हम बार-बार सरकार और विधायकों से मांग करते हैं. राजधानी के एसएमएस से पौने तीन सौ किलोमीटर दूर यह चिकित्सालय हैं और दो स्टेट के बीच मौजूद है. हम डॉक्टरों के खाली पदों को भरने के लिए बार-बार मांग करते आये हैं.