ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने बिना नीडल (सूई) वाली कोरोना वैक्सीन तैयार की है. अब इस वैक्सीन का ट्रायल शुरू होगा. यह वैक्सीन डीएनए पर आधारित है और इसके ट्रायल के लिए 150 लोग अपना नाम भेज चुके हैं.
सिडनी यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स की ओर से तैयार की गई कोरोना वैक्सीन को एक एयर जेट मशीन के जरिए व्यक्ति की स्किन पर डाला जाएगा. इस डिवाइस को फार्माजेट नाम से जाना जाता है. डॉक्टर गिन्नी मैन्सबर्ग का कहना है कि इंजेक्शन के मुकाबले फार्माजेट के जरिए दी गई वैक्सीन अधिक असरकारक हो सकती है.
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, नई वैक्सीन सीधे व्यक्ति की स्किन में पहुंचती है. शरीर के इम्यून सिस्टम में स्किन की अहम भूमिका होती है. इसलिए सीधे स्किन पर दी गई वैक्सीन अधिक प्रभावी हो सकती है.
डॉक्टर गिन्नी मैन्सबर्ग का कहना है कि नई वैक्सीन इस आइडिया पर आधारित है कि व्यक्ति का इम्यून सिस्टम, डीएनए के एक छोटे से हिस्से की पहचान करेगा और अपना एंटीजेन तैयार करेगा.