अमेरिका की बायोटेक कंपनी मॉडर्ना की कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर आई है. एक स्टडी में रिसर्चर्स को पता चला है कि मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन बुजुर्गों में भी एंटीबॉडीज तैयार करने में कामयाब रहती है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टडी में पता चला है कि बुजुर्गों में भी तकरीबन वैसी ही एंटीबॉडीज तैयार हुई हैं जैसी युवाओं में हुई थीं.
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसीन में वैक्सीन से जुड़ी स्टडी प्रकाशित की गई है. रिसर्चर्स का कहना है कि बुजुर्गों में मॉडर्ना की वैक्सीन से एंटीबॉडीज तैयार होती हैं और इसके साइड इफेक्ट उच्च खुराक वाली फ्लू वैक्सीन की तरह हैं.
अमेरिका की इमोरी यूनिवर्सिटी से जुड़े और स्टडी के प्रमुख रिसर्चर डॉ. इवान एंडरसन ने कहा कि स्टडी के परिणाम भरोसा बनाए रखते हैं, क्योंकि उम्र के साथ अक्सर इम्यूनिटी कमजोर होती जाती है. स्टडी में 56 से 70 और 71 साल से अधिक उम्र के कुल 40 लोगों को शामिल किया गया था. लोगों को 25mg और 100mg की दो खुराक दी गई थीं.
स्टडी के दौरान रिसर्चर्स को पता चला कि 28 दिन के अंतराल पर वैक्सीन की दूसरी खुराक देने पर बुजुर्ग वॉलेंटियर्स के शरीर में युवाओं की तरह ही इम्यूनिटी रेस्पॉन्स होता है. मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन के फेज-1 सेफ्टी ट्रायल के अगले हिस्से के तौर पर ही बुजुर्गों को वैक्सीन दी गई थी.