महिलाएं हर क्षेत्र में पुरानी परंपराओं और बाध्यताओं को तोड़ रही है. इसी क्रम में नेपाल में महिला सैनिकों ने एक ऐसा काम किया जिसे करने से दुनिया भर के पुरुष भी हिचकिचा रहे हैं. ये काम बेहद खतरनाक हैं. क्योंकि इसमें कोरोना संक्रमण का खतरा है. नेपाली महिला सैनिक कोरोना की वजह से मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार कर एक नई रीति बना रही हैं. जिसकी तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है. (फोटोः रॉयटर्स)
हाल ही में अलजजीरा वेबसाइट ने इसकी खबर प्रकाशित की. वेबसाइट ने लिखा है कि काठमांडू में चार महिला सैनिक प्रोटेक्टिव गियर में कोरोना से मारे गए एक पीड़ित का पशुपतिनाथ दाहगृह में अंतिम संस्कार कर रही हैं. नेपाल में महिलाओं द्वारा अंतिम संस्कार करना सांस्कृतिक मान्यताओं के खिलाफ माना जाता था, लेकिन इन महिलाओं ने इस सामाजिक बाधा को तोड़ दिया है. (फोटोः रॉयटर्स)
करीब 3 करोड़ की आबादी वाले हिमालयी देश नेपाल की महिला सैनिक पहली बार ऐसा काम कर रही हैं. महिला सैनिकों की एक टुकड़ी को कोरोना पीड़ितों के अंतिम संस्कार के काम में लगाया गया है. हिंदू बहुल्य देश में महिलाओं की स्थिति साल 2006 के बाद से सुधरनी शुरू हुई है. यहां पर सैकड़ों साल पुरानी राजशाही को खत्म करके लोकतंत्र की स्थापना की गई. (फोटोः रॉयटर्स)
25 वर्षीय कार्पोरल रचना कहती हैं कि मुझे खुशी है कि इस तरह के अच्छे काम के लिए मुझे चुना गया है. अभी तक यह काम सिर्फ पुरुष ही करते आ रहे थे. महिलाओं को यह जिम्मेदारी देकर एक नई परिभाषा गढ़ी गई है. नेपाल का समाज बदल रहा है. जब से मैंने ये काम शुरू किया है तब से अपने परिवार से मिलने नहीं गई. वो मुझे कहते हैं कि बेटा तुम्हारे पास बेहद जिम्मेदारी वाला काम है. यह बेहद कठिन और खतरनाक भी है, इसलिए पहले अपना काम सजगता से पूरा करो फिर हम लोगों से मिलने आना. (फोटोः रॉयटर्स)
पिछले महीने चार महिला सैनिकों ने पहली बार ये काम किया. उन्होंने 6 कोरोना मृतकों के शव को अस्पताल से दाहगृह तक पहुंचाया था. उसके बाद ये काम लगातार महिला सैनिक कर रही हैं. नेपाली सेना के प्रवक्ता संतोष बी. पौडयाल कहते हैं कि हमारे पास 95 हजार सैनिकों की एक मजबूत फोर्स है. इसमें महिलाओं को शामिल करने से हमें नई ताकत मिली है. (फोटोः रॉयटर्स)
संतोष ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि महिलाएं युद्ध क्षेत्र, अस्पताल, हथियार गृह, इंजीनियरिंग सर्विसेज और आपदाओं में बेहतरीन काम कर रही हैं. नेपाल में पहली बार महिला सैनिकों को कोरोना मृतकों के शवों को संभालने का काम दिया गया है. ये लोग अस्पताल से मृतकों के शव ले जाकर उनका अंतिम संस्कार करवाती हैं. नेपाल की महिलाएं अब सामाजिक सीमाओं को तोड़ रही हैं. ये कुछ नया करना चाहती हैं. (फोटोः रॉयटर्स)
नेपाल की सेना ही पूरे देश में कोरोना मृतकों के शवों को संभाल रही है. इस महामारी ने नेपाल में 1508 लोगों को मौत को घाट उतार दिया है. देश में 2.33 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमण के केस हैं. नेपाल में कोरोना संक्रमण का पहला केस पहली बार जनवरी में सामने आया था. बीते सोमवार को कोरोना की वजह से 29 लोगों की मौत हुई. 4 नवंबर के बाद एक दिन में कोरोना से मरने वालों का यह एक रिकॉर्ड है. (फोटोः रॉयटर्स)
महिला सैनिकों में से एक सार्जेंट कृष्णा कुमारी ने बताया कि यह हमारी ड्यूटी है कि हम कोरोना मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं. मुझे अपने इस काम पर गर्व है. 37 वर्षीय कृष्णा ने बताया कि इस काम में शारीरिक ताकत के साथ-साथ दिमागी शांति भी चाहिए. लेकिन महिला सैनिकों की टीम ने ये साबित कर दिया है कि वो किसी से भी कम नहीं हैं. (फोटोः रॉयटर्स)