एक शख्स को कोरोना पॉजिटिव होने में महज 5 मिनट का वक्त लगा, वह भी तब जब व्यक्ति संक्रमित मरीज से 21 फीट की दूरी पर बैठा था. यह घटना साउथ कोरिया के एक रेस्त्रां की है. रिसर्चर्स का कहना है कि स्टडी से यह पता चला है कि कोरोना से बचाव के लिए 6 फीट की दूरी पर्याप्त नहीं है.
जर्नल ऑफ कोरियन मेडिकल साइंस में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, 6.6 फीट से अधिक दूर तक रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट ट्रैवल करता है. स्टडी के लेखकों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइंस में बदलाव किए जाने की जरूरत है.
संक्रामक रोग विशेषज्ञ केजे सिउंग ने कहा कि कोरोना महामारी को लेकर लोगों के बीच एक गलत धारणा बन गई है कि वे संक्रमित व्यक्ति के करीब नहीं गए, इसलिए वे कोरोना से सुरक्षित हैं. स्टडी में यह भी कहा गया है कि कोरोना वायरस हवा में 3 घंटे से लेकर 16 घंटे तक रहता है.
रिसर्चर्स के मुताबिक, जून महीने में एक व्यक्ति कोरोना से बीमार हो गया था. जांच के दौरान पता चला कि साउथ कोरिया के उस प्रोविन्स में कोई भी और व्यक्ति बीते 2 महीने में संक्रमित नहीं हुआ था. इसके बाद कॉन्टैक्ट ट्रेसर्स को जीपीएस डेटा से पता चला कि यह व्यक्ति, एक रेस्त्रा में बीमार मरीज से 21 फीट की दूरी पर महज 5 मिनट के लिए बैठा था. इसी वजह से वह संक्रमित हो गया. इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे से बात भी की थी और मास्क नहीं पहने थे.
बता दें कि साउथ कोरिया दुनिया के चुनिंदा उन देशों में शामिल रहा है जिन्होंने बिना लॉकडाउन के, स्मार्ट तरीके से कोरोना को काफी हद तक काबू कर किया है. इसके पीछे देश के कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग सिस्टम का अहम योगदान है. लेकिन एक बार फिर मामले बढ़ने लगे हैं और बुधवार को स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर लोगों ने पाबंदियों का ठीक से पालन नहीं किया तो देश में पहला लॉकडाउन लागू किया जा सकता है.