ब्रिटेन की सरकार ने फाइजर कंपनी की कोरोना वैक्सीन को लगाने की अनुमति दे दी है. इसके बावजूद वहां की सरकार ने गर्भवती महिलाओं को यह वैक्सीन लेने से मना कर दिया है. साथ ही उन महिलाओं को भी फाइजर कोरोना वैक्सीन लेने से रोका गया है, जो वैक्सीन की पहली डोज लेकर अगले तीन महीने में मां बनना चाहती हैं. फाइजर कंपनी की कोरोना वैक्सीन को लेकर जारी गाइडलाइंस में ये बातें कही गईं हैं. (फोटोः गेटी)
यूनाइटेड किंगडम (UK) की ज्वाइंट कमेटी ऑन वैक्सीनेशन एंड इम्यूनाइजेशन (Joint Committee on Vaccination and Immunisation - JCVI) ने कहा कि हमें नहीं पता कि फाइजर कंपनी की वैक्सीन लेने के बाद गर्भवती महिला और उसके बच्चे पर क्या असर पड़ेगा. इसे लेकर पूरी दुनिया में कोई स्पष्ट या पुख्ता डेटा भी नहीं है. न ही इसे लेकर किसी इंसान या जानवर पर अध्ययन किया गया है. इसलिए फिलहाल गर्भवती महिलाओं और जो महिलाएं मां बनना चाहती हैं, उनके लिए फाइजर कोरोना वैक्सीन (Pfizer Corona Vaccine) लगाने पर रोक है. (फोटोः गेटी)
JCVI ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को यह सलाह दी जाती है कि वो अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए फाइजर वैक्सीन (Pfizer Vaccine) की डोज न लें. क्योंकि हमें वैक्सीन लगाने के बाद गर्भवती महिलाओं और उसके बच्चे पर पड़ने वाले प्रभावों और दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी नहीं है. हमें गर्भवती महिलाओं पर वैक्सीन के असर के डेटा का इंतजार है. उसके आने के बाद ही हम अगला फैसला लेंगे. (फोटोः गेटी)
मिरर वेबसाइट की खबर के अनुसार JCVI की सलाह पर ही यूके की सरकार बुधवार को फाइजर कोरोना वैक्सीन (Pfizer Corona Vaccine) के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी है. अगले हफ्ते से ब्रिटेन में इस वैक्सीन की पहली शिपमेंट पहुंच जाएगी. इसके बाद पूरे देश में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू होगी. JCVI की गाइडलाइंस में गर्भवती महिलाएं और 16 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल नहीं हैं. (फोटोः गेटी)
JCVI ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं और 16 साल के कम उम्र के बच्चों पर वैक्सीन के प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है. जैसे ही सकारात्मक खबर आएगी हम गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भी वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में शामिल कर लेंगे. आइए जानते हैं कि किन लोगों को फाइजर की वैक्सीन मिलेगी. (फोटोः गेटी)
सबसे पहले फाइजर कोरोना वैक्सीन (Pfizer Corona Vaccine) इन लोगों को मिलेगी - केयर होम्स में रहने वाले बुजुर्ग और वहां के कर्मचारी, 50 साल से लेकर 80 साल या उससे ऊपर के सभी बुजुर्ग, फ्रंटलाइन हेल्थ एंड सोशल केयर वर्कर, 16 से 65 साल के वो शख्स जो किसी गंभीर बीमारी के शिकार हों और जिन्हें कोरोना संक्रमण की वजह से गंभीर अवस्था में जाने की आशंका हो. (फोटोः गेटी)