स्वस्थ मानी जा रही एक महिला की मौत हो गई, जिनका डॉक्टर ने पहले कोरोना वायरस टेस्ट करने से इनकार कर दिया था. 39 साल की नताशा मेडिकल क्लिनिक में काम करती थी.
शुरुआत में डॉक्टर ने ये कहते हुए नताशा ओट का टेस्ट करने से इनकार कर दिया कि उन्हें खतरा कम है. लेकिन कुछ दिनों बाद दबाव बनाने पर उनका कोरोना वायरस का टेस्ट किया गया. हालांकि, रिजल्ट मिलने से पहले ही नताशा की मौत हो गई. वहीं, खबर लिखे जाने तक भी नताशा के टेस्ट का रिजल्ट नहीं आया.
अमेरिका के न्यू ऑरलीन्स की रहने वाली नताशा ने अपने पार्टनर को 2 हफ्ते पहले बताया था कि उन्हें कोल्ड हो गया है. वह एक केयर सेंटर में काम करती थीं जो एचआईवी संक्रमित मरीजों को ट्रीटमेंट मुहैया कराता है.
मौत से ठीक एक दिन पहले नताशा ने अपने पार्टनर को बताया था कि उन्हें अपने फेफड़े में कोई चीज अटका हुआ महसूस हो रहा है. 20 मार्च को वह घर में मृत मिली.
नताशा के पार्टनर जोश एंडरसन ने फेसबुक पर लिखा- कोरोना वायरस को लेकर मजाक करने का वक्त खत्म हो गया है. अब वक्त है कि खुद को और अपने प्यारे लोगों को सुरक्षित रखें. उन्होंने लिखा कि नताशा का स्वास्थ्य अच्छा था, बावजूद इसके मौत हो गई.
जोश ने कहा कि नताशा का टेस्ट पिछले हफ्ते ही किया जा सकता था, लेकिन उन्हें बताया गया कि सिर्फ 5 टेस्ट की सुविधा ही है.
बता दें कि भारत सहित दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. भारत में संक्रमित लोगों की संख्या 349 हो चुकी है और 6 लोगों की मौत भी हो गई है.